सीकर में सैनी समाज के हॉस्टल के लिए आवंटित जमीन को निरस्त करने के विरोध में आज सीकर राष्ट्रीय फूले ब्रिगेड के पदाधिकारी और कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट पहुंचे। जहां उन्होंने आवंटित जमीन को निरस्त करने के फैसले को वापस लेने की मांग को लेकर जिला कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन दिया। कलेक्ट्रेट पर ज्ञापन देने के लिए आए कांग्रेस नेता राजेश सैनी ने बताया कि पूर्व की अशोक गहलोत सरकार ने 5 अक्टूबर 2023 को सैनी समाज संस्था सीकर को हॉस्टल के लिए 1500 वर्ग मीटर भूमि राधाकिशनपुरा में दी थी। सैनी समाज संस्थान ने इसकी चालान राशि भी यूआईटी में जमा करवा दी थी। अब 1 जनवरी 2026 को यूआईटी द्वारा सैनी समाज संस्था को एक लेटर भेजा गया जिसमें बताया गया कि उनके हॉस्टल के लिए जो भूमि का आवंटन किया गया था वह निरस्त हो चुका है। जिसको लेकर समाज के लोगों में गहरा आक्रोश है। राजेश सैनी ने बताया कि सीकर वर्तमान में शिक्षा नगरी बन चुका है। इसलिए यहां पर पिछड़े समाजों को एजुकेशन से जोड़ने के लिए हॉस्टल जैसे संसाधन होना बेहद जरूरी है। समाज के लोग दिन-रात मेहनत करके अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए पैसे एकत्रित करते हैं। यदि उन्हें सीकर जैसे शहर में हॉस्टल की सुविधा मिल जाती है तो उनकी पढ़ाई और ज्यादा बेहतर होगी। ऐसे में आज जिला कलेक्टर मुकुल शर्मा को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम ज्ञापन देकर मांग की गई है कि हॉस्टल के लिए जमीन आवंटन निरस्त करने का फैसला वापस ले। यदि 2 दिन में सरकार फैसले को वापस नहीं लेती है तो 9 जनवरी को सीकर में सर्वसमाज पैदल मार्च करेगा। यह पैदल मार्च सीकर के तापड़िया बगीची से शुरू होगा जो शहर के विभिन्न मार्गों से होकर सीकर के कलेक्ट्रेट पर पहुंचेगा। यहां पर एक बार फिर कलेक्टर को ज्ञापन देकर मुख्यमंत्री से मांग की जाएगी। यदि इसके बाद भी सरकार सुध नहीं लेती तो आंदोलन तेज किया जाएगा। राजेश सैनी ने बताया कि यदि मौजूदा सरकार अपने फैसले को वापस नहीं लेती है तो हर चुनाव में समाज के लोग इन्हें वोट देने का बहिष्कार करेंगे जिसका खामियाजा इन्हें खुद को भुगतना पड़ेगा। आज ज्ञापन देने के दौरान जयप्रकाश सैनी,नरेश सैनी,विजेंद्र सैनी सहित कई लोग मौजूद रहे।


