उदयपुर में हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर बार एसोसिएशन और जिला हाईकोर्ट संघर्ष समिति ने मंगलवार कोर्ट के बाहर धरना दिया गया। वकीलों ने ‘लेके रहेंगे हाईकोर्ट बैंच, ‘आवाज दो हम एक हैं..’जैसे नारे लगाए। वरिष्ठ वकील शंभू सिंह राठौर ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि अगर इस बार हाईकोर्ट बेंच उदयपुर को नहीं मिलती है तो मैं मान लूंगा कि ये गुलाबचंद जी कटारिया (पंजाब राज्यपाल) और बार एसोसिएशन अध्यक्ष जितेंद्र जैन की विफलता है। इसलिए इस बात को बड़ी जिम्मेदारी से लीजिए। मेवाड़ में हाईकोर्ट बेंच की मांग के लिए सभी एकजुट हो जाएं। इस दौरान पूर्व बार अध्यक्ष रामकृपा शर्मा, भरत वैष्णव, भरत जोशी, राकेश मोगरा, पूर्व महासचिव भूपेन्द्र, पूर्व उपाध्यक्ष बंशीलाल गवारिया, पूर्व महासचिव चेतनपुरी गोस्वामी, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष और एडवोकेट अमित पालीवाल आदि मौजूद थे। नेताओं की कमजोरी से अब तक नहीं मिली बेंच: चपलोत
पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और वरिष्ठ एडवोकेट शांतिलाल चपलोत ने कहा कि नेताओं कई आश्वासन तो मिल चुके है उनकी कमजोरी की वजह से हाईकोर्ट बेंच अभी तक नहीं मिल पाई। क्योंकि नेता इस मांग को केंद्र तक पुरजोर तरीके से नहीं उठा पा रहे है। उदयपुर में हाईकोर्ट बेंच को लेकर आंदोलन 1982 से चल रहा है। 1990 में भी बड़ा धरना हुआ था। तब से अब तक हर माह 7 तारीख को धरना जारी है। इस दौरान बड़े स्तर भी कई बार धरने प्रदर्शन कर चुके लेकिन कुछ नहीं हुआ।


