शुगर मिल में ब्रेकडाउन, 24 घंटे में सिर्फ 300 टन गन्ने की पेराई, 120 क्विंटल शक्कर तैयार

गन्ने की कमी के कारण शुगर मिल करकाभाट में ब्रेकडाउन की स्थिति बन रही है। सोमवार को ब्रेकडाउन की वजह से सिर्फ 300 मीट्रिक टन गन्ने की पेराई हो पाई। जिससे 120 क्विंटल शक्कर उत्पादन हुआ। इसके अलावा 15 मीट्रिक टन मोलासिस उत्पादन हुआ। रिकवरी रेट 10.65% रहा। प्रबंधन के अनुसान 22 दिसंबर से 5 जनवरी तक 12 हजार 375 मीट्रिक टन गन्ने की पेराई हो चुकी है। जिससे 10 हजार 430 क्विंटल शक्कर उत्पादन हुआ है। इसके अलावा 365 मीट्रिक टन मोलासिस उत्पादन हो चुका है। ओवरऑल रिकवरी रेट 9.30% है। जिसे प्रबंधन शुभ संकेत मान रही है क्यांेकि रिकवरी रेट बढ़ते क्रम पर है। प्रबंधन के अनुसार रविवार को 590 टन गन्ने की पेराई से 905 क्विंटल शक्कर और 30 मीट्रिक टन मोलासिस उत्पादन हुआ था। तब रिकवरी रेट 10.45% रहा। इस लिहाज से पिछले कई दिन से भले ही गन्ने की पेराई और शक्कर उत्पादन कम हो रहा है लेकिन रिकवरी रेट 10% से ज्यादा है। शुगर मिल के एमडी राजेंद्र राठिया, जीएम एलके देवांगन ने बताया कि रोजाना किसान गन्ना बेचने पहुंच रहें है। बालोद के अलावा दूसरे जिले के किसानों को भी टोकन जारी कर रहें है ताकि पेराई प्रभावित न हो। इस माह रिकवरी रेट 10% तक पहुंचने का अनुमान जताया जा रहा वर्तमान में बालोद के अलावा दूसरे जिले के किसानों को भी टोकन जारी किया जा रहा है ताकि पेराई के लिए पर्याप्त मात्रा में गन्ना उपलब्ध हो सकें। प्रबंधन के अनुसार जब पेराई की शुरुआत होती है, तब रिकवरी रेट 8 से 9 प्रतिशत के आसपास रहता है। ऐसा पिछले कई सीजन में हो चुका है। इस माह ही रिकवरी रेट 10% तक पहुंच सकता है। प्रबंधन भी स्वीकार कर रही है कि जिले में गन्ने की कमी है। इस वजह से दूसरे जिले के किसानों को भी टोकन जारी कर रहें है ताकि पेराई लगातार चलती रहें। जिले में 911 हे. रकबे में लगी गन्ना फसल की कटाई होगी कृषि विभाग के अनुसार जिले के 5 ब्लॉक में 911 हेक्टेयर रकबे में लगी गन्ने की कटाई होगी। 1300 हेक्टेयर रकबे में गन्ना लगाने का लक्ष्य रखा गया था लेकिन एक हजार से कम हेक्टेयर में गन्ना लगा है। गन्ना लगाने हर साल लक्ष्य तय किया जाता है लेकिन पूर्ति नहीं हो पाती। जिले में कुल 5 ब्लॉक है। वर्तमान मंे एक भी ब्लॉक में लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया है। यह स्थिति, तब है, जब कृषि विभाग की ओर से किसानों को गन्ना लगाने प्रोत्साहित करने का दावा किया जा रहा है। पिछले साल 2100 हे. में गन्ना लगाने का लक्ष्य तय किया गया था। दावे की पोल खुली, गन्ने की कमी से हर साल ब्रेकडाउन की स्थिति भले ही प्रबंधन दावा करती है कि पेराई के लिए पर्याप्त मात्रा में गन्ना उपलब्ध है। इस वजह से ब्रेकडाउन की स्थिति नहीं बनेगी लेकिन हर साल गन्ने की कमी होने से ब्रेकडाउन की स्थिति बन ही जाती है। आगे भी गन्ने की कमी से ऐसी स्थिति बन सकती है। प्रबंधन ने इस सीजन पेराई के लिए 60 से 65 हजार मीट्रिक टन गन्ना पहुंचने का अनुमान लगाया है। जिले के 5 ब्लॉक से 40 हजार टन गन्ना पहुंचने का अनुमान है। वहीं धमतरी, कांकेर, दुर्ग, बेमेतरा, रायपुर सहित अन्य जिले से 20 से 25 हजार टन गन्ना पहुंच सकता है।

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