उप चुनाव में भाजपा के बागी बने नगर पालिका अध्यक्ष:भाजपा उम्मीदवार प्रमिला को मिले 9 वोट और बागी जितेंद्र को 10, भाजपा पार्षदों ने ही कर दी क्रॉस वोटिंग

कुशलगढ़ नगरपालिका के उप चुनाव में भाजपा को अपने ही बागी से करारी हार का सामना करना पड़ा है। जहां भाजपा से पालिका अध्यक्ष पद के लिए प्रमिला मईडा ने नामांकन किया वही बागी होकर भाजपा के ही जितेंद्र अहारी मैदान में उतरे। कुल 20 पार्षदों के मतदान में 19 ने मतदान किया जिसमें 10 वोट निर्दलीय जितेंद्र अहारी के खाते में गए वहीं 9 वोट प्रमिला के पक्ष में आए। कांग्रेस के रजनीकांत खाब्या ने मत नहीं डाला। दोपहर 2 बजे निर्वाचन अधिकारी ने जितेंद्र को जीत का प्रमाण पत्र दिया। अहारी के समर्थकों ने नारेबाजी कर स्वागत किया। पालिका के कुल 20 पार्षदों में से 2 कांग्रेस, 3 निर्दलीय और 15 भाजपा के हैं। 20 में से 19 पार्षदों ने वोट डाले। कांग्रेस के पार्षद रजनीकांत खाबीया ने वोट नहीं दिया। एक बागी जितेंद्र खुद, 3 निर्दलीय और एक कांग्रेस का वोट भी जोड़ दें तो 5 वोट होते हैं। जबकि जितेंद्र को 10 वोट मिले। ऐसे में साफ है कि 5 भाजपा पार्षदों ने पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर जितेंद्र को वोट दिए। हालांकि किसने किसको वोट दिया, यह गोपनीय है लेकिन राजनीतिक जानकार 19 वोटों की यही गणित बता रहे हैं। जितेंद्र एक साल के लिए अध्यक्ष रहेंगे। राज्य में भाजपा की सत्ता होने का बावजूद इस हार से पार्टी की किरकिरी हुई है। जितेंद्र इससे पहले भी दो बार में 9 महीनों तक कार्यकारी अध्यक्ष रह चुके हैं। पूर्व पालिका अध्यक्ष बबलू मईड़ा को भ्रष्टाचार के आरोप में सरकार ने निलंबित किया। इसको छह महीने भी नहीं हुए और भाजपा ने उप चुनाव में उसकी पत्नी प्रमीला को टिकट दे दिया। प्रमीला पार्षद कां उप चुनाव जीत गई। इससे ओवरकांफिडेंस में आकर भाजपा ने अध्यक्ष का प्रत्याशी भी उसे ही बनाया। ऐसे में निवर्तमान अध्यक्ष जितेंद्र बागी हो गए। पार्षदों में भी बबलू पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप के बाद प्रमिला को टिकट देने से नाराजगी थी। बागी जितेंद्र ने भी इसी को भुनाया। इससे पार्षदों में यहीं मैसेज जा रहा था कि प्रमीला के जीतने के बाद बबलू का फिर पालिका में हस्तक्षेप बढ़ जाएगा। इसलिए पार्षदों ने सामने से पार्टी के खिलाफ बगावत नहीं की लेकिन भितरघात किया। उधर, प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने चुनाव प्रभारी से टिकट वितरण, बागी के लड़ने, पार्षदों के विरोध, जिले के नेताओं की भूमिका और हार के कारणों पर तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *