झीलों की नगरी भोपाल एक बार फिर विचार, साहित्य, कला और संस्कृति के सशक्त विमर्श का केंद्र बनने जा रही है। भोपाल लिटरेचर एंड आर्ट फेस्टिवल (बीएलएफ) 2026 का आठवां संस्करण 9 से 11 जनवरी तक भारत भवन में आयोजित किया जाएगा। फेस्टिवल डायरेक्टर राघव चंद्रा ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी जानकारी दी। राघव चंद्रा ने बताया कि तीन दिवसीय यह फेस्टिवल देश और विदेश के प्रतिष्ठित लेखकों, इतिहासकारों, विचारकों, राजनयिकों, सैन्य अधिकारियों, कलाकारों और बुद्धिजीवियों को एक मंच पर लाएगा। उन्होंने कहा कि बीएलएफ लगातार भोपाल को एक मजबूत सांस्कृतिक और बौद्धिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में काम कर रहा है। फेस्टिवल के दौरान लेखक संवाद, परिचर्चाएं, पुस्तकों का विमोचन, कला प्रदर्शनियां, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और विद्यार्थियों के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। समृद्ध बौद्धिक विमर्श का मंच
फेस्टिवल के सत्रों में भारत की सभ्यतागत यात्रा, वैश्विक राजनीति और संघर्ष, भारत-चीन संबंध, संवैधानिक मूल्य, तकनीकी शासन प्रणाली, पर्यावरणीय संकट, जनजातीय इतिहास, महिला नेतृत्व, सिनेमा व जन-संस्कृति और लोकतंत्र के भविष्य जैसे समकालीन व विचारोत्तेजक विषयों पर गहन चर्चा होगी। प्रमुख लेखक, विचारक और बुद्धिजीवी
फेस्टिवल में विश्व प्रसिद्ध इतिहासकार विलियम डैलरिम्पल शिरकत करेंगे, जो द गोल्डन रोड और व्हाइट मुगल्स जैसी चर्चित कृतियों के लिए जाने जाते हैं। बेस्टसेलिंग फिक्शन लेखक अश्विन सांघी (द अयोध्या अलायंस, द कृष्णा की) इतिहास और थ्रिलर के संगम पर अपनी बात रखेंगे।लेखक व विचारक गौतम चिकरमाने, अमेरिकी समाजशास्त्री साल्वातोरे बाबोनेस (डेमोक्रेसी विद धर्मा), अर्थशास्त्री प्रसेनजित के. बसु जैसे नाम भी विमर्श को समृद्ध करेंगे। कूटनीति, सेना और रणनीति के दिग्गज
पूर्व भारतीय राजनयिक और संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि रह चुके सैयद अकबरुद्दीन, पूर्व राजदूत मनजीव सिंह पुरी, सुजान चिनॉय और चीन में भारत के पूर्व राजदूत अशोक के. कंथा भारत की विदेश नीति, सुरक्षा और रणनीतिक चुनौतियों पर अपने अनुभव साझा करेंगे।भारतीय सेना के पूर्व उप-सेनाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल मिलन नायडू (सेवानिवृत्त) और पूर्व कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल एस.एल. नरसिम्हन (सेवानिवृत्त) सैन्य और सीमा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे। राजनीति, समाज और संविधान
राजनीतिक विचारक नीरा चांधोके लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों पर अपने विचार रखेंगी। पूर्व केंद्रीय मंत्री के.जे. अल्फोंस विकास और नीति विषयों पर संवाद करेंगे, जबकि लेखक राघवेंद्र सिंह पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और रणनीतिक इतिहास पर चर्चा करेंगे। सिनेमा, कला और संस्कृति की सशक्त आवाजें
अभिनेता, गायक और लेखक पीयूष मिश्रा, वरिष्ठ टीवी पत्रकार नविका कुमार, चर्चित निर्देशक जोड़ी विनय सप्रू और राधिका राव तथा रंगमंच कलाकार व निर्देशक सोहैला कपूर सिनेमा, मीडिया और रंगमंच पर केंद्रित सत्रों में शामिल होंगे। साहित्य, फिक्शन और कविता
लेखिका अनुजा चंद्रमौली, शाइनी एंटनी, फिक्शन लेखक जलज श्रीवास्तव और प्रसिद्ध व्यंग्यकार महेश गर्ग ‘बेबाक’ साहित्यिक सत्रों में अपनी रचनात्मक दृष्टि साझा करेंगे। इसके अलावा इतिहासकार डॉ. रीमा हूजा, पर्यावरणविद और वन्यजीव संरक्षण के अग्रदूत एम.के. रंजीतसिंह, तथा आदिवासी संस्कृति पर कार्य कर रहे शोधकर्ता अच्युत सिद्धू और अपूर्वा मिश्रा जनजातीय इतिहास, पर्यावरण और विरासत से जुड़े मुद्दों पर संवाद करेंगे। ट्राइबल आर्ट कैंप एंड फेयर
फेस्टिवल के अंतर्गत भारत भवन द्वारा ट्राइबल आर्ट कैंप एंड फेयर 2026 का आयोजन किया जाएगा। इसमें 10 राज्यों से 60 से अधिक आदिवासी कलाकार भाग लेंगे। गोंड, बैगा, भील, पिथोरा, वारली और भारिया चित्रकला के साथ बांस, लकड़ी और लोहे के शिल्प प्रदर्शित किए जाएंगे। इस वर्ष गोंडना और मुरिया जैसी दुर्लभ कला परंपराओं पर विशेष फोकस रहेगा। युवाओं के लिए विशेष कार्यक्रम
युवा प्रतिभाओं को मंच देने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश स्कूल ऑफ ड्रामा द्वारा कार्यशालाएं आयोजित होंगी। ‘यंगरंग’ कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों के लिए कहानी-कथन, चित्रकला और कविता प्रतियोगिताएं होंगी।सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में दास्तान-ए-गुरु दत्त, काव्यराग जब कविता संगीत से मिलती है, शाम-ए-कलाम और दास्तान-ए-शंकर शामिल हैं। आधुनिक कला दीर्घा में पद्मश्री दुर्गा बाई व्याम की कलाकृतियों की विशेष प्रदर्शनी भी दर्शकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहेगी।


