झालावाड़ जिले के सुनेल उपखंड क्षेत्र के ग्राम गुराड़िया में सार्वजनिक भूमि पर कथित अवैध कब्जे और अनुसूचित जाति समुदाय के उत्पीड़न का गंभीर मामला सामने आया है। इस संबंध में अनुसूचित जाति वर्ग के परिवारों ने मिनी सचिवालय पहुंचकर जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को दो अलग-अलग ज्ञापन सौंपे हैं। एडवोकेट ममता कुमारी ने बताया कि गांव के अनुसूचित जाति वर्ग के परिवारों ने आरोप लगाया है कि कुछ प्रभावशाली लोगों ने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए सार्वजनिक चारागाह भूमि खसरा नंबर 310 पर कब्जा कर लिया है। पीड़ितों के अनुसार इस भूमि पर स्थित सार्वजनिक कुआं, तालाब और घाट वर्षों से गांव के गरीब परिवारों और उनके मवेशियों के लिए जीवनरेखा रहे हैं। आरोप है कि 6 जनवरी की रात को चारागाह को चारों ओर से तारबंदी कर रास्ता बंद कर दिया गया, जिससे पानी तक पहुंचने में परेशानी हो रही है। विरोध करने पर पीड़ितों को गांव खाली कराने की धमकियां दी जा रही हैं और उन्हें शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। पानी की किल्लत के कारण परिवारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, मवेशियों के लिए भी स्थिति गंभीर बनी हुई है। पीड़ितों ने यह भी आरोप लगाया है कि महिलाओं के साथ आपत्तिजनक टिप्पणियां की जा रही हैं, जिससे उनकी सुरक्षा और सम्मान पर संकट पैदा हो गया है। पीड़ितों का कहना है कि इस संबंध में तहसीलदार, सुनेल को पहले भी ज्ञापन सौंपा गया था। मौके पर कानूनगो और पटवारी भी पहुंचे थे, लेकिन कार्रवाई के अभाव में स्थिति जस की तस बनी हुई है।


