जिले के बड़वारा विकासखंड के ग्राम झरेला में स्थित बिरला व्हाइट सीमेंट प्लांट के खिलाफ ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को सैकड़ों ग्रामीणों ने प्लांट प्रबंधन को ज्ञापन सौंपकर सीएसआर फंड के दुरुपयोग का आरोप लगाया। ग्रामीणों की मांग है कि क्षेत्र के विकास कार्यों में पारदर्शिता लाई जाए और अनुबंध की शर्तों का पालन हो। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे राष्ट्रीय समाज पक्ष के जिला अध्यक्ष अवसरपाल ने कहा कि कंपनी क्षेत्र में स्थापित है, लेकिन यहां के लोगों को इसका फायदा नहीं मिल रहा है। गांव में रोड, स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था नहीं कराई गई। पाल ने बताया कि कंपनी को हर वर्ष लगभग 55 लख रुपए सीएसआर फंड से शिक्षा स्वास्थ्य सड़क पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए खर्च किया जाना था, लेकिन जमीनी स्तर पर इस मद से कार्य नही किए गए। उनका आरोप है कि स्थापना के समय कंपनी ने जिन मूलभूत सुविधाओं का वादा किया था, उनके लिए सीएसआर मद की राशि खर्च नहीं की जा रही है। लंबे समय से मांग के बावजूद प्रबंधन इस पर ध्यान नहीं दे रहा है। एक महीने की चेतावनी ग्रामीणों ने ज्ञापन के माध्यम से साफ कर दिया है कि कंपनी को एक महीने के भीतर अनुबंध के अनुसार विकास कार्य शुरू करने होंगे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर तय समय में मांगें पूरी नहीं हुईं, तो क्षेत्र में आंदोलन और धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इसके बाद पैदा होने वाली किसी भी स्थिति की जिम्मेदारी प्लांट प्रबंधन और प्रशासन की होगी।


