नौगांव KVK में सोलर प्रकाश प्रपंच स्थापित:रासायनिक मुक्त कीट नियंत्रण से किसानों को मिलेगा लाभ

छतरपुर जिले के नौगांव स्थित कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) ने किसानों के लिए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में एक नई पहल की है। केंद्र के उद्यानिकी फसल संग्रहालय में स्वचालित सोलर आधारित ‘प्रकाश प्रपंच’ स्थापित किया गया है, जो रात में स्वतः चालू और सुबह अपने आप बंद हो जाता है। इसका उद्देश्य रासायनिक कीटनाशकों के बिना फसलों में कीट नियंत्रण करना है। प्राकृतिक खेती की अवधारणा पर आधारित तकनीक उद्यानिकी फसल संग्रहालय के प्रभारी डॉ. कमलेश अहिरवार ने बताया कि यह पूरी व्यवस्था प्राकृतिक खेती की सोच पर आधारित है। इसका मकसद किसानों को रसायनों पर निर्भरता कम करने और पर्यावरण अनुकूल विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित करना है। रात में रोशनी से कीट होते हैं आकर्षित डॉ. अहिरवार के अनुसार, सोलर प्रकाश प्रपंच रात के समय रोशनी उत्सर्जित करता है। रोशनी की ओर उड़ने वाले कीट आकर्षित होकर इसके पास आते हैं और नीचे लगी नेट की जाली में फंस जाते हैं। प्रकाश की ओर आकर्षित हुए कीट जाली में फंसकर मर जाते हैं, जिससे फसलों पर कीटों का प्रकोप काफी हद तक कम हो जाता है। इससे उत्पादन पर होने वाला नुकसान भी घटता है। रसायन मुक्त और पूरी तरह सुरक्षित तरीका इस तकनीक में किसी भी प्रकार के रासायनिक कीटनाशक का उपयोग नहीं किया जाता। इससे मिट्टी, जल, पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पूरी तरह सुरक्षित रहते हैं। कृषि विज्ञान केंद्र ने इस सोलर प्रकाश प्रपंच को एक प्रदर्शन इकाई के रूप में स्थापित किया है, ताकि किसान इसे प्रत्यक्ष रूप से देखकर इसकी कार्यप्रणाली को समझ सकें। किसानों को अपनाने के लिए किया जा रहा प्रेरित केवीके का उद्देश्य है कि किसान इस तकनीक को देखकर, समझकर अपने खेतों में अपनाएं और प्राकृतिक खेती की दिशा में आगे बढ़ें। उद्यानिकी फसलों में कीट प्रबंधन के लिए यह तकनीक सरल, प्रभावी और व्यवहारिक मानी जा रही है। इससे फसलों की गुणवत्ता भी बेहतर बनी रहती है। छोटे और सीमांत किसानों के लिए उपयोगी कम लागत और आसान संचालन के कारण यह तकनीक विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों के लिए लाभकारी साबित हो सकती है। कृषि विज्ञान केंद्र नौगांव का यह प्रयास न केवल किसानों की उत्पादन लागत कम करेगा, बल्कि जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर टिकाऊ कृषि प्रणाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

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