मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को उद्योग, व्यापार, कर सलाहकार संघों और सेवा क्षेत्र के प्रतिनिधियों के साथ दो सत्र में बजट पूर्व चर्चा की। इस दौरान प्रतिनिधियों ने अपने अपने क्षेत्र की जरूरत, मांग व टैक्स को लेकर अपनी बात रखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्योग राज्य की अर्थव्यवस्था का आधार है। प्रदेश में न्यायसंगत टैक्स प्रणाली के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य में उद्योग के लिए अपार संभावनाएं हैं तथा उद्योग एवं सेवा क्षेत्र राजस्थान की अर्थव्यवस्था में तीन-चौथाई योगदान देते हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधियों के सुझावों का परीक्षण करने के बाद इन्हे आगामी बजट में शामिल किया जाएगा। इस अवसर पर डिप्टी सीएम दिया कुमारी, उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड, उद्योग राज्य मंत्री केके विश्नोई के साथ ही अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि टैक्स केवल राजस्व संग्रह का माध्यम नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के विकास का आधार है। टैक्स से होने वाली आय का उपयोग जनकल्याणकारी कार्यों में हो, इसी सिद्धान्त को आत्मसात कर राज्य सरकार कार्य कर रही है। वैट की दरों को बनाया तर्कसंगत मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने डीजल व पेट्रोल पर प्रचलित वैट की दरों को तर्कसंगत बनाते हुए 2 प्रतिशत की कमी की, जिससे दरों में एकरूपता आई और आमजन को भी सस्ती दरों पर तेल उपलब्ध हुआ। साथ ही, सीएनजी और पीएनजी की वैट दर को 14.5 प्रतिशत से घटाकर 10 प्रतिशत किया गया।


