ग्वालियर नगर निगम ने शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने और कचरा ठीयों की समस्या समाप्त करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बुधवार से ग्वालियर के 36 वार्डों में कचरा संग्रहण के लिए नए रूट चार्ट लागू कर दिए गए हैं। इसका उद्देश्य घर-घर से समय पर कचरा उठाना और स्वच्छ भारत मिशन के लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से पूरा करना है। नए रूट चार्ट के तहत टिपर वाहनों के निकलने के समय और उनके मार्ग में बदलाव किया गया है। यह सुनिश्चित करेगा कि प्रत्येक घर से कचरा नियमित रूप से और निर्धारित समय पर एकत्र किया जा सके। इन बदलावों को लागू करने से पहले, अपर आयुक्त टी. प्रतीक राव ने स्वच्छता से जुड़े अधिकारियों की एक बैठक बुलाई थी। इस बैठक में सफाई व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई। इसी क्रम में उन्होंने आज सुबह वार्ड क्रमांक 51 और 52 का निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान, वार्ड 51 में सफाई व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। हालांकि, वार्ड 52 में कर्मचारियों की हाजिरी रजिस्टर में दर्ज नहीं मिली, जिस पर अपर आयुक्त ने संबंधित वार्ड हेल्थ ऑफिसर को नोटिस जारी किया। वार्ड हेल्थ ऑफिसर ने बताया कि कर्मचारी ड्यूटी पर मौजूद थे, लेकिन तकनीकी कारणों से हाजिरी दर्ज नहीं हो सकी थी। नए रूट चार्ट के साथ बीट प्रणाली में भी संशोधन किया गया है। अब प्रत्येक बीट का क्षेत्र 400 से 500 मीटर तक सीमित रहेगा। इससे टिपर वाहन चालक एक ही बीट में दो से तीन चक्कर लगा सकेंगे, जिससे घरों से निकलने वाला कचरा समय पर एकत्र हो पाएगा और सड़कों पर कचरा फैलने की समस्या कम होगी। अपर आयुक्त प्रदीप तोमर ने बताया कि यदि टिपर वाहन निर्धारित समय पर पहुंचेंगे और नियमित रूप से कचरा उठाएंगे, तो कचरा ठीये स्वतः समाप्त हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि पहले समय पर वाहन नहीं पहुंचने के कारण लोग मजबूरी में कचरा सड़कों पर फेंक देते थे। अब नए रूट चार्ट लागू होने से नागरिक सीधे टिपर वाहन में कचरा दे सकेंगे, जिससे शहर की स्वच्छता व्यवस्था और मजबूत होगी।


