जमशेदपुर में एक फिर बाघ वापस लौट आया है। वो बंगाल चला गया था, पर सोमवार को पटमदा के बाटालुका-हमबेड़ा गांव में तीन जगहों पर बाघ के पंजे के निशान मिले हैं। वन विभाग बाघ को ट्रेस करने का प्रयास कर रहा है। यह वही बाघ है जो पिछले दिनों चांडिल के तुलग्राम-खूंटी जंगल होते हुए दलमा क्षेत्र में विचरण कर रहा था, फिर बंगाल चला गया था। बाघ अब वापस दलमा की ओर लौट रहा है। इधर, बाघ को लेकर आस-पास के ग्रामीणों को सतर्क कर दिया गया है। अंधेरे में घर से नहीं निकलने की अपील की गई है। विभाग की एक टीम गांव में कैंप किए हुए है। बाटालुका गांव के दलमा क्षेत्र की दूरी करीब पांच किमी है बाघ द्वारा किसी जीव-जंतु का शिकार करने की सूचना नहीं है। बाटालुका गांव के दलमा क्षेत्र की दूरी करीब पांच किमी है। बाघ के दलमा में वापस घुसने की संभावना है। बाटालुका गांव के कंका सोरेन के घर से करीब 200 मीटर की दूरी बाघ के पंजे के निशान मिले। वहीं, युधिष्ठिर महतो और बहादुर सिंह के घर के पास भी पंजे के निशान पाए गए। सोमवार की सुबह ग्रामीणों ने निशान देख वन विभाग को सूचना दी। इसके बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और बाघ के होने की पुष्टि की। युधिष्ठिर महतो ने बताया- सबसे पहले मैंने अपने बागान में पंजे का निशान देखा तो भयभीत हो गया। ग्रामीणों को इसकी सूचना देने पर पता चला कि दो और ग्रामीणों के घर के पास निशान मिले हैं। इसी बाघ के शनिवार की रात वंदोवान के सिरका व गंगामान्ना जंगल में होने की सूचना मिली थी। राइका हिल में कैद हुई बाघ की तस्वीर
चांडिल के तुलग्राम-खूंटी जंगल से विचरण करते हुए दलमा पहुंचे बाघ की तस्वीर पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिला में स्थित राइका हिल में शुक्रवार की रात कैद हुई थी। पश्चिम बंगाल वन विभाग ने इसकी पुष्टि की है। जंगल में लगाए गए ट्रैकिंग कैमरे में बाघ की तस्वीर रात के समय कैद हुई। विभाग ने राइका हिल में बाघ के होने की पुष्टि की है। उसका रेस्क्यू करने का प्रयास किया जा रहा है। दलमा में भी बाघ कई दिनों तक विचरण कर रहा था, लेकिन उसकी तस्वीर ट्रैकिंग कैमरे में कैद नहीं हुई थी। दलमा के गोबरघुसी होते हुए बाघ पश्चिम बंगाल पहुंच गया था। यहां कई मवेशियों का शिकार भी बाघ ने किया था। बाघ वापस लौटा है। हमबेड़ा में बाघ के पंजे के निशान मिले हैं। उसे ट्रेस करने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीणों को सतर्क रहने को कहा गया है। कहीं से जानवर का शिकार करने की सूचना नहीं है। -सबा आलम अंसारी, डीएफओ


