लुड़ेग धान केंद्र के निरीक्षण पर पहुंचे जिपं अध्यक्ष, किसानों से पूछी परेशानी

भास्कर न्यूज | जशपुरनगर किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और धान खरीदी प्रक्रिया को सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय ने जिले के लुड़ेग धान खरीदी केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने केंद्र में मौजूद किसानों से सीधे संवाद कर धान खरीदी की जमीनी हकीकत जानी और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। जिला पंचायत अध्यक्ष के इस अचानक दौरे से केंद्र में मौजूद कर्मचारियों और अधिकारियों में सक्रियता देखने को मिली। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय ने कहा कि धान खरीदी किसानों की मेहनत का प्रतिफल है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि धान खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता, अनुशासन और संवेदनशीलता बनाए रखें, ताकि किसानों को किसी भी तरह की अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। जिला पंचायत अध्यक्ष ने धान खरीदी केंद्र की विभिन्न व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने तौल प्रक्रिया, रिकॉर्ड संधारण, किसानों के बैठने की व्यवस्था, पीने के पानी, छाया और साफ-सफाई सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं का निरीक्षण किया। इन समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यदि किसी किसान को किसी भी प्रकार की समस्या आती है, तो उसका तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि धान खरीदी केंद्रों में लापरवाही, मनमानी या अव्यवस्था किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिला पंचायत अध्यक्ष ने यह भी कहा कि सभी अधिकारी और कर्मचारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें, ताकि धान खरीदी की पूरी प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हो सके। किसानों को बार-बार केंद्र के चक्कर न लगाने पड़ें, यह प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि शासन की योजनाओं का लाभ सीधे और बिना बाधा किसानों तक पहुंचना चाहिए। निरीक्षण के अवसर पर समिति के कर्मचारी, संबंधित विभागीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी इस दौरान उन्होंने कर्मचारियों को निर्देशित किया कि केंद्र पर आने वाले किसानों को सम्मानजनक और सुव्यवस्थित वातावरण मिलना चाहिए। किसी भी किसान के साथ दुर्व्यवहार या उपेक्षा की शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साय ने विशेष रूप से धान की तौल के बाद भुगतान प्रक्रिया पर ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तौल पूरी होते ही भुगतान की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाए, जिससे किसानों को आर्थिक दिक्कतों का सामना न करना पड़े। उन्होंने दो टूक कहा कि शासन की मंशा है कि किसान संतुष्ट रहें और उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य समय पर मिले। भुगतान में देरी किसानों के लिए परेशानी का कारण बनती है, जिसे किसी भी स्थिति में रोका जाना चाहिए। निरीक्षण के दौरान किसानों ने अपनी कुछ समस्याएं और सुझाव जिला पंचायत अध्यक्ष के सामने रखे।

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