प्रदेश में ई-चालान के नाम पर लगातार ठगी हो रही है। ठग ई-चालान भेजकर एपीके फाइल के जरिए खातों में सेंध लगा रहे हैं। पिछले दिनों राज्य में इमरजेंसी सेवा एंबुलेंस चलाने वाली कंपनी के डायरेक्टर से 4.52 लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी कर ली गई। डायरेक्टर के पास ई-चालान आया था, जिसे उन्होंने खोला था। पुलिस ने बताया कि सफायर ग्रीन सोसायटी निवासी धर्मेंद्र सिंह जय अंबे इमरजेंसी सर्विसेज कंपनी के डायरेक्टर हैं। 3 जनवरी को उनके मोबाइल पर आरटीओ ई-चालान के नाम से मैसेज आया था। उसमें एपीके फाइल का लिंक भी था। उन्होंने उस लिंक को खोलकर देखा। उसमें हाई स्पीड गाड़ी चलाने पर 1200 रुपए जुर्माने का उल्लेख था। इसके बाद उन्होंने फाइल बंद कर दी। जब वे बैंक गए तो पता चला कि तीन किश्तों में उनके खाते से 4.52 लाख निकाल लिए गए हैं। इस तरह की ठगी से एपीके फाइल से ठगी सिर्फ एंड्रॉइड फोन में हो रही है। ठग ई-चालान, ग्रीटिंग समेत अन्य नामों से सीधे फाइल भेज रहे हैं। इसे खोलते ही फोन का कंट्रोल ठगों के पास चला जाता है और वे इसका दुरुपयोग करते हैं। भास्कर एक्सपर्ट – मुकेश चौधरी , साइबर एक्सपर्ट मोबाइल पर कुछ सेटिंग कर बच सकते हैं ठगी से इस तरह की ठगी से एपीके फाइल से ठगी सिर्फ एंड्रॉइड फोन में हो रही है। ठग ई-चालान, ग्रीटिंग समेत अन्य नामों से सीधे फाइल भेज रहे हैं। इसे खोलते ही फोन का कंट्रोल ठगों के पास चला जाता है और वे इसका दुरुपयोग करते हैं। 1 फोन की सेटिंग में जाकर अननोन एप को डिसेबल करें सबसे पहले मोबाइल की सेटिंग में जाएं। वहां इंस्टॉल अननोन एप्स सर्च करें। उसे क्लिक करके सभी एप्स को डिसेबल करें। इससे फोन का कंट्रोल आपके पास ही रहेगा। ऐसा करने पर अगर आप अनजाने में किसी लिंक या एप को डाउनलोड करने की कोशिश करेंगे तो फोन वार्निंग मैसेज देगा, जिससे आप सतर्क हो जाएंगे। 2 अगर एपीके फाइल इंस्टॉल हो जाए तो क्या करें अगर अनजाने में एपीके फाइल इंस्टॉल हो गया तो सबसे पहले मोबाइल को एरोप्लेन मोड में डाल दें। इससे मोबाइल नेटवर्क बंद हो जाएगा और किसी अनजान व्यक्ति को फोन का कंट्रोल नहीं मिलेगा। इसके बाद सेटिंग में जाकर जिस एप का उपयोग नहीं करते हों, उसे तुरंत अन-इंस्टॉल करें।


