एसआईआर के बाद जारी की गई नई मतदाता सूची में जिन लोगों के नाम कट गए हैं, उन्हें वापस नाम जुड़वाने में कई तरह की परेशानी हो रही है। नोटिस मिलने के बाद जोन-सरकारी दफ्तरों और मतदान केंद्रों में पहुंचने वाले लोगों से कई तरह के दस्तावेज मांगे जा रहे हैं। इस वजह से उनकी परेशानी और बढ़ गई है। आधार कार्ड में नाम सुधरवाने, अपडेट करवाने, जन्म प्रमाण पत्र, माता-पिता से संबंधित दस्तावेज, स्कूली कक्षाओं की अंकसूची निकलवाने के लिए लोगों को कई दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। यही वजह है कि जिन लोगों के नाम कट गए हैं, वे आसानी से अपना नाम नहीं जुड़वा पा रहे हैं। रायपुर जिले की सात विधानसभा क्षेत्रों में 1.33 लाख लोगों को सी-श्रेणी में रखा गया है। इसका मतलब है कि इन सभी को नोटिस देकर अपना नाम जुड़वाने का एक मौका दिया जाएगा। अब तक 80,238 लोगों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। प्रशासन का कहना है कि नोटिस लोगों के घरों तक पहुंचाए जा रहे हैं। दैनिक भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि मतदाता घर पर हों या न हों, उनके घरों में नोटिस डाल दिए जा रहे हैं। इसके अलावा, जिन मतदाताओं के फोन नंबर बीएलओ के पास उपलब्ध हैं, उन्हें कॉल कर दफ्तर बुलाया जा रहा है और वहीं नोटिस सौंपा जा रहा है। काफी संख्या में मतदाताओं की यह शिकायत भी है कि उन्हें नोटिस मिल ही नहीं रहा। वहीं कुछ लोगों को नोटिस तो मिल रहा है, लेकिन सुनवाई की तारीख निकल जाने के बाद, जिससे वे और अधिक परेशान हो रहे हैं। जोन 2 दफ्तर : दोप.3.30 बजे
फाफाडीह स्थित जोन 2 के दफ्तर में लोगों की भीड़ लगी है। यहां बीएलओ बैठे हैं लेकिन लोगों की परेशानियों को दूर नहीं कर पा रहे हैं। लोग नोटिस लेकर यहां आ रहे हैं, लेकिन मायूस होकर वापस लौट रहे हैं। लोगों ने बताया कि आधार कार्ड में नाम सुधरवाना, माता-पिता के दस्तावेज, जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल की मार्कशीट समेत कई दस्तावेज ऐसे मांग रहे हैं जो तुरंत देना नामुमकिन हैं। रायपुर तहसील: शाम 4 बजे नोटिस मिलने के बाद कई लोग तहसील में स्थित निर्वाचन दफ्तर में पहुंच रहे हैं। वहां लोगों को बताया जा रहा है कि नाम कट गया है तो घबराने की जरूरत नहीं है। मतदाता सूची बन जाएगी, उसके बाद फॉर्म 6 भर दीजिएगा। फॉर्म भरने की सुविधा ऑनलाइन-ऑफलाइन दोनों है। इसलिए अभी नोटिस का जवाब नहीं दे पा रहे हैं तो कोई बात नहीं। दस्तावेजों को तैयार कर लें और बाद में फॉर्म जमा कर दें। लोगों को इस तरह की हो रही परेशानी बीरगांव में मतदाता सूची को लेकर हो रहा भारी विवाद
बीरगांव निगम के 40 वार्डों की मतदाता सूची को लेकर जबरदस्त विवाद हो रहा है। वहां के लोगों का कहना है कि 2023 में यहां 20211 मकानों में 95 हजार से ज्यादा वोटर थे। इसमें 38 हजार लोगों के नाम काट दिए गए हैं। 4600 लोगों को नोटिस जारी की गई है। ये लोग नोटिस का जवाब नहीं दे पा रहे हैं क्योंकि उनके पास जरूरी दस्तावेज नहीं है। इसकी शिकायत बीरगांव निगम के कांग्रेसी पार्षदों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त और रायपुर कलेक्टर से की है। इतना ही नहीं उनका यह भी आरोप है कि इस बार की सूची में बड़ी संख्या में नए लोगों के नाम जोड़े गए हैं। जबकि बड़ी संख्या में पुराने लोगों के नाम काट दिए गए हैं। परेशान होने की जरूरत नहीं
जिन लोगों के नाम नहीं जुड़ पा रहे हैं उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन होने के बाद वे नए सिरे से नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। ऐसे सभी लोगों के प्रॉपर आवेदन मिलने पर नाम जोड़ दिए जाएंगे।
नवीन सिंह ठाकुर, उप जिला निर्वाचन अधिकारी


