पंजाब के मानसा में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। नए साल की शुरुआत से ही स्थिति चिंताजनक है। सिविल अस्पताल के आंकड़ों के अनुसार, 1 से 20 जनवरी के बीच कुत्तों के काटने के 129 मामले सामने आए हैं। हर दिन औसतन 20-25 मरीज रेबीज का इंजेक्शन लगवाने अस्पताल पहुंच रहे हैं। पिछले दो सालों के आंकड़े भी चिंताजनक हैं। 2023 में जहां 1,213 मामले दर्ज किए गए, वहीं 2024 में यह संख्या बढ़कर 1,714 तक पहुंच गई। स्थानीय निवासी धर्मेंद्र सिंह और उषा, जो खुद कुत्ते के काटने के शिकार हुए हैं, ने बताया कि शहर और गांव में आवारा कुत्तों की संख्या बहुत ज्यादा है। विशेष रूप से स्कूली बच्चे इनके निशाने पर हैं। स्थानीय नागरिक हरजिंदर सिंह और जसप्रीत सिंह ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका सुझाव है कि आवारा कुत्तों की नसबंदी करके उन्हें अन्य स्थानों पर स्थानांतरित किया जाए। नगर कौंसिल के प्रधान विजय कुमार के अनुसार, समस्या से निपटने के लिए फरवरी 2024 में टेंडर जारी किया गया था और डॉक्टरों द्वारा इसका मुआयना भी किया जा चुका है, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं आया है।


