दंतेवाड़ा में दंतेश्वरी मंदिर के सामने शंखनी-डंकनी नदी के किनारे काशी और हरिद्वार की गंगा आरती की तर्ज पर शंखनी-डंकनी आरती हुई है। शारदीय नवरात्र की पंचमी की शाम महाआरती का आयोजन कर घाट का उद्धघाटन किया गया था। जिसके बाद टेंपल कमेटी के सदस्यों ने हर मंगलवर आरती करने का निर्णय लिया। आज मंगलवार की शाम भी मंदिर के पुजारी समेत शहर के लोग भारी संख्या में जुटे। आरती की गई। भक्तिमय माहौल रहा। मंदिर समिति के सदस्यों का कहना है कि अब सप्ताह मंगलवार को आरती की जाएगी। पिछले सप्ताह मंगलवार को भी यहां आरती संपन्न हुई थी। आरती को लेकर शहर के लोगों में भी काफी उत्साह है। दरअसल, नवरात्र से कुछ दिन पहले आरती करने के लिए प्रस्ताव रखा गया था। कहा गया था कि ऐसा करने से लोग और जुड़ेंगे। जिले को नई पहचान भी मिलेगी। इसपर सभी सदस्यों ने सहमति दी थी। हालांकि, कुछ ने कहा था कि यह परंपरा यहां की नहीं है। इसलिए हर दिन आरती करने का निर्णय नहीं लिया जा सका। पंचमी के दिन महाआरती का आयोजन कर इसकी शुरुआत की गई थी है। दोनों प्रमुख नदियां हैं दरअसल, दंतेवाड़ा में शंखनी और डंकनी ये दो प्रमुख नदियां हैं। इन दोनों नदियों के संगम पर ही दंतेवाड़ा और माता दंतेश्वरी का मंदिर स्थित है। कहा जाता है कि डंकनी नदी का उद्गम स्थल डांगरी-डोंगरी है और शंखनी नदी का उद्गम बैलाडीला की पहाड़ी है। दोनों नदियों के रंग अलग और दर्शनीय हैं।


