मरवाही विधायक प्रणव मरपच्ची ने लरकेनी धान उपार्जन केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्होंने केंद्र पर पहुंचे किसानों से बातचीत कर धान खरीदी प्रक्रिया में आ रही समस्याओं की जानकारी ली। विधायक मरपच्ची ने केंद्र प्रबंधन को निर्देश दिए कि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुगम बनाए रखने पर जोर दिया। जिले में 8 लाख 11 हजार क्विंटल धान की खरीदी गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य 15 नवंबर से जारी है। जिले के 20 धान उपार्जन केंद्रों पर किसान बड़ी संख्या में धान बेच रहे हैं। अब तक जिले में कुल 8 लाख 11 हजार क्विंटल धान की खरीदी हो चुकी है। जिले में धान खरीदी टोकन बंद गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में सभी पंजीकृत किसानों से धान खरीदी का सरकारी दावा खोखला साबित हो रहा है। वर्तमान खरीदी लिमिट के कारण 31 जनवरी तक के टोकन की सभी तारीखें फुल हो गई हैं। इसके चलते हजारों किसानों को अब तक टोकन नहीं मिल पाया है। इस स्थिति के बाद सहकारी विभाग हरकत में आया है। विभाग ने कलेक्टर को पत्र लिखकर शासन से जिले में प्रतिदिन 10 हजार क्विंटल खरीदी लिमिट बढ़ाने की मांग की है। इस वर्ष छत्तीसगढ़ सरकार की धान खरीदी नीति से जिले के किसान काफी परेशान और आक्रोशित हैं। रात से ही लाइन में लगने के बावजूद हजारों किसान टोकन से वंचित रह गए हैं। शासन की मनमानी और धान खरीदी की प्रतिदिन की लिमिट कम होने के कारण 31 जनवरी तक सभी किसानों से धान खरीदी करना मुश्किल हो गया है। वर्तमान लिमिट के अनुसार सॉफ्टवेयर में किसानों का टोकन कटना बंद हो गया है, क्योंकि 31 जनवरी तक के सभी टोकन पहले ही कट चुके हैं। वर्तमान खरीदी लिमिट के कारण जिले में धान खरीदी लगभग 2 लाख क्विंटल पिछड़ गई है। सभी समितियों में औसत खरीदी लिमिट बढ़ाए बिना यह 2 लाख क्विंटल धान खरीदना असंभव है। जिन किसानों को अभी तक टोकन नहीं मिला है, उन्हें तभी टोकन मिल पाएगा जब खरीदी की लिमिट बढ़ाई जाएगी।


