रतलाम शहर में दूध अब 60 रुपए लीटर मिलेगा। गुरुवार को कलेक्टर मिशा सिंह ने दूध उत्पादकों और विक्रेताओं की बैठक ली। कलेक्टर के हस्तक्षेप के बाद नए साल में मनमर्जी से बढ़ाए गए 4 रुपए में से 2 रुपए कम किए गए। बता दे कि शहर में दूध 58 रुपए प्रति लीटर बेचा जाता था। 1 जनवरी से दूध उत्पादकों ने भाव बढ़ा दिए। इससे शहर के विक्रेताओं ने 58 रुपए से सीधे 4 रुपए बढ़ाकर 62 रूपए कर दिए गए। इसको लेकर शहरवासी और अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत ने इसका विरोध भी जताया था। जबकि दूध उत्पादकों ने पशु आहार व अन्य खाद्य वस्तुओं के दाम बढ़ने को लेकर भाव बढ़ाने की बात कही थी गुरुवार दोपहर कलेक्ट्रेट में कलेक्टर मिशा सिंह ने दूध उत्पादकों और शहर के दूध विक्रेताओं की बैठक लेकर स्पष्ट कहा कि जब तक फेट की मात्रा सही नहीं है, तब तक कीमत कैसे बढ़ाई जा सकती है। दूध का रेट निर्धारण फेट के आधार पर होता है, ऐसे में बिना ठोस आधार के 58 रूपए से सीधे 4 रुपए बढ़ाना उचित नहीं है। आम जनता पर बोझ नहीं डाल सकते। कलेक्टर ने कहा कि जब अन्य आवश्यक वस्तुओं के दाम नहीं बढ़े हैं, तो केवल दूध की कीमत में अचानक दाम बढ़ाना आम जनता पर बोझ डालती है। सभी पहलुओं को ध्यान में रखना जरूरी है। सुझाव पर 1-1 रुपए कम किए कलेक्टर ने सुझाव दिया कि दूध की कीमत 60 रुपए प्रति लीटर तय की जाए। उत्पादक और व्यापारी दोनों 1-1 रुपए कम करे। कलेक्टर ने यह भी कहा कि यदि व्यापारी फेट के आधार पर दूध नहीं खरीद रहे हैं, तो इसकी जांच प्रशासन की ओर से की जाएगी। 4 माह बाद करेंगे रिव्यू कलेक्टर ने मावा और फेट आधारित सिस्टम को लेकर कहा कि इस विषय पर बाद में चर्चा की जाएगी। कौन-सा सिस्टम अधिक बेहतर है देखा जाएगा। फिलहाल रेट कम करने होंगे। 4 माह बाद रिव्यू किया जाएगा।


