कोटपूतली-बहरोड़ जिले की 13 वर्षीय नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने और उसके साथ बार-बार दुष्कर्म करने के दोषी को न्यायाधीश जघेंद्र अग्रवाल ने 20 वर्ष के कारावास और 38 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी द्वारा नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाना और उसके साथ बार-बार दुष्कर्म करना गंभीर अपराध है, ऐसे मामलों में किसी प्रकार की नर्मी नहीं बरती जा सकती। सरकारी वकील विनोद कुमार शर्मा ने बताया कि पीड़िता के पिता ने 6 अप्रैल 2025 को कोटपूतली-बहरोड़ जिले के एक थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि 5 अप्रैल 2025 की रात आरोपी युवक नाबालिग को बहला-फुसलाकर घर से ले गया और साथ में जेवरात व 50 हजार रुपये नकद भी ले गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर नाबालिग को दस्तयाब किया और जांच पूरी कर कोर्ट में चालान पेश किया। अभियोजन पक्ष की ओर से 16 गवाह पेश किए गए और 32 दस्तावेजों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।


