हरदा जिला अस्पताल में पदस्थ संविदा स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रियंका शारदे का अनुबंध राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, मध्य प्रदेश ने गुरुवार को तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया। कार्रवाई गर्भवती महिलाओं से राशि वसूलने, मरीजों से दुर्व्यवहार और कर्तव्यों में लापरवाही की कई शिकायतों के बाद की गई है। वरिष्ठ संयुक्त संचालक मातृ स्वास्थ्य, एनएचएम, डॉ. अर्चन मिश्रा ने इस संबंध में आदेश जारी किया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एच.पी. सिंह से मिली जानकारी के अनुसार, डॉ. शारदे पर कई हितग्राहियों ने सिजेरियन ऑपरेशन के बदले 8 हजार रुपए की अनाधिकृत राशि मांगने का आरोप लगाया था। जांच समिति के निरीक्षण के दौरान, अन्य नवजातों के माता-पिता ने भी 5 हजार से 8 हजार रुपए तक की राशि देने की बात कही थी। विवाद कर अभद्र व्यवहार किया था
डॉ. शारदे के खिलाफ लगातार मिल रही शिकायतों के बाद एक जांच टीम का गठन किया गया था, जिसने विभिन्न लोगों के बयान दर्ज किए। सिटी कोतवाली के एएसआई जितेंद्र सिंह राजपूत और आरक्षक हरिप्रसाद पटेल ने बताया कि डॉ. शारदे ने मरीजों और उनके परिजनों से अनावश्यक विवाद कर अभद्र व्यवहार किया था। पैसों की मांग करने का भी आरोप
महिला थाने में पदस्थ आरक्षक उमा सेंगर ने शिकायत की थी कि डॉ. शारदे ने एक बलात्कार पीड़िता की एमएलसी करने में आनाकानी की और उसे भोपाल जाने को कहा। शहर के टंकी मोहल्ले की गर्भवती महिला रक्षा मेषकर ने बताया कि डॉ. शारदे ने उसे सातवें महीने में सिजेरियन डिलीवरी की बात कहकर पैसों की मांग की थी, जबकि बाद में उसकी नौवें महीने में सामान्य डिलीवरी हुई। एक अन्य मामले में, दिव्यांग महिला संगीता गौर से पेट में पानी सूखने और टेबल पर लेट न पाने का हवाला देकर आठ हजार रुपए की मांग की गई थी। भोपाल जाते समय मरीज और उसके परिजनों से अभद्रता भी की गई। बाद में दिव्यांग महिला ने भोपाल के हमीदिया अस्पताल में सहज ऑपरेशन से जुड़वां बच्चों को जन्म दिया। इन सभी गंभीर शिकायतों के आधार पर डॉ. प्रियंका शारदे के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है।


