छतरपुर नगर पालिका में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपए की कथित वसूली का मामला सामने आया है। इस पूरे प्रकरण को लेकर भाजपा जिला महामंत्री ने नगर पालिका की मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पैसों के लेनदेन के आरोप लगाए जा रहे हैं। पीड़ितों का दावा है कि भर्ती के नाम पर एक करोड़ रुपए से अधिक की वसूली की गई, जिसमें गरीब और बेरोजगार युवाओं ने कर्ज लेकर रकम चुकाई। पीड़ितों के अनुसार उन्हें नगर पालिका में स्थायी और संविदा नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया गया था। इसके बदले अलग-अलग किस्तों में हजारों से लेकर लाखों रुपए वसूले गए। आरोप है कि खुद को नगर पालिका से जुड़ा कर्मचारी या प्रभावशाली व्यक्ति बताकर भरोसा दिलाया गया। नियुक्ति पत्र, ज्वॉइनिंग डेट और विभाग तक तय बताकर मेडिकल, फाइल प्रोसेस और ऊपर तक पैसे पहुंचाने के नाम पर रकम ली गई। टालमटोल पर ठगी का आरोप
इस मामले में सफाई कर्मचारी संघ के अध्यक्ष आदित्य वाल्मीकि पर भी पैसे लेने के आरोप लगे हैं। उनका एक वीडियो सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया। पीड़ितों का कहना है कि जब लंबे समय तक नौकरी नहीं लगी और टालमटोल की जाने लगी, तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ। गुरुवार को सैकड़ों की संख्या में पीड़ित सिविल लाइन थाना पहुंचे और लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए एफआईआर की मांग की। पीड़ितों ने दावा किया कि उनके पास कॉल रिकॉर्डिंग और लेनदेन से जुड़े वीडियो मौजूद हैं, जिन्हें वे जांच के दौरान प्रस्तुत करेंगे। भाजपा जिला महामंत्री ब्रजेश राय ने आरोप लगाया कि जब वे इस संबंध में सीएमओ माधुरी शर्मा से मिलने पहुंचे, तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और जातिसूचक शब्दों का भी इस्तेमाल हुआ। प्रशासन ने आरोपों को निराधार बताया
एक पीड़ित ने आरोप लगाया कि उसके बेटे को नौकरी दिलाने के नाम पर पहले ही एक लाख रुपए ले लिए गए थे। जब उसने दोबारा एक लाख रुपए की मांग का विरोध किया, तो कथित तौर पर कहा गया कि जो करना है कर लो, पैसे वापस नहीं मिलेंगे। पीड़ित का कहना है कि उसने पैसे देते समय सुरक्षा के तौर पर वीडियो रिकॉर्ड किया था, जिसे अब सार्वजनिक किया गया है। वहीं नगर पालिका प्रशासन ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। सीएमओ माधुरी शर्मा का कहना है कि नगर पालिका में सभी भर्तियां पारदर्शी और वैधानिक प्रक्रिया के तहत होती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर पालिका के बाहर किसी व्यक्ति द्वारा पैसे लिए जाने या वायरल वीडियो से नगर पालिका अथवा उनके कार्यालय का कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि शिकायत पुलिस के पास गई है, तो जांच एजेंसी अपना काम करेगी।


