सबलगढ़ के प्रथम अपर सत्र जिला न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए घरेलू हिंसा और दूसरी शादी के मामले में एक व्यक्ति को एक साल की सजा सुनाई है। मामला वर्ष 2007 का है, जब राजाबेटी नाम की महिला ने अपने पति राधेश्याम गुप्ता के खिलाफ सबलगढ़ थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, राधेश्याम ने अपनी पहली पत्नी राजाबेटी के जीवित रहते हुए बाड़ी की रहने वाली संगीता उर्फ ओमवती से दूसरी शादी कर ली। जब राजाबेटी ने इस पर आपत्ति जताई तो राधेश्याम और उसकी दूसरी पत्नी ने मिलकर उसकी पिटाई की और उसे घर से निकाल दिया। साथ ही उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई। पुलिस ने धारा 498, 323, और 506B के तहत मामला दर्ज किया। राजाबेटी ने न्यायालय में पति के साथ रहने के लिए धारा 9 का मुकदमा दायर किया, जबकि राधेश्याम ने धारा 13 के तहत तलाक का मुकदमा दायर किया। न्यायालय ने तलाक की याचिका खारिज कर दी और राधेश्याम को राजाबेटी के साथ रहने का आदेश दिया, लेकिन उसने आदेश का पालन नहीं किया। मंगलवार शाम 5:30 बजे प्रथम अपर सत्र जिला न्यायालय के न्यायाधीश उमेश कुमार शर्मा ने निचली अदालत के फैसले की पुष्टि करते हुए राधेश्याम को एक साल का कारावास और एक हजार रुपए का जुर्माना सुनाया। यह फैसला पीड़िता को 17 साल के लंबे संघर्ष के बाद न्याय दिलाने में सफल रहा।


