खातेगांव में इंदौर-बैतूल नेशनल हाईवे पर बने बायपास के कारण स्थानीय किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है, जो मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। ये है पूरा मामला मुख्य समस्या यह है कि एनएचएआई ने खातेगांव-पांड्यादेह मार्ग पर कल्वर्ट बना दिया है, जिससे 100 साल पुराना पारंपरिक रास्ता बंद हो गया है। इससे लगभग 250 एकड़ जमीन के 40 किसान प्रभावित हुए हैं। साथ ही पांड्यादेह, बरवई और भटासा के ग्रामीणों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि किसानों को कृषि उपज मंडी पहुंचने के लिए अब 1 किलोमीटर की जगह 11 किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि बायपास निर्माण के समय सर्विस रोड बनाने का वादा किया गया था, लेकिन अब अधिकारी इस मुद्दे से मुंह फेर रहे हैं। जून 2022 से लगातार आवेदन देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होने से नाराज किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांग नहीं मानी गई तो वे बायपास पर चक्काजाम और आमरण अनशन करेंगे। उल्लेखनीय है कि यह विवादित रास्ता पटवारी रिकॉर्ड में सर्वे नंबर 348 पर दर्ज है। सोमवार रात करीब 10:45 बजे तहसीलदार अरविंद दिवाकर ने धरना स्थल पर पहुंचकर कड़कड़ाती ठंड में अलाव के पास बैठे किसानों की समस्याएं सुनीं और मामले से देवास कलेक्टर को अवगत कराया। धरने में महेश यादव, नारायण सिंह यादव, मनोज यादव, वीरेंद्र विश्नोई, इंद्रेश यादव, पलकराम भादू समेत किसान मौजूद रहे।


