हेलीपैड के आसपास तार, ऊपर मंडराती रही एयर एम्बुलेंस:पायलट अधिकारी से बोला- ऐसा हेलीपैड पहली बार देखा; ट्यूमर के मरीज को किया एयरलिफ्ट

डिंडौरी में मरीज को एयर लिफ्ट करने पहुंची एयर एम्बुलेंस 15 मिनट तक आसमान में मंडराती रही। हेलीपैड के आसपास बिजली के तार होने से पायलट को एयर एम्बुलेंस उतारने में काफी परेशानी आई। आखिरकार रीढ़ की हड्डी में ट्यूमर से परेशान कीर्ति चंदेल (21) को एयरलिफ्ट किया गया। हेलिकॉप्टर जब पुलिस ग्राउंड में लैंड हुआ तो पायलट संजय शर्मा ने अधिकारियों से पूछा – हेलीपैड के आसपास बीजली के तार क्यों लटक रहे हैं, इन्हें अलग करवाइए। ऐसा हेलीपैड पहली बार देखा है। पायलट के टोकने पर प्रशासन ने हेलीपैड के आसपास से तुरंत तार हटवाए। कीर्ति को डिंडौरी जिला अस्पताल से भोपाल एम्स में शिफ्ट किया गया है। चार तस्वीरों में पूरा घटनाक्रम… बेटी पढ़ना चाहती है अचानक पता चली बीमारी
अमरपुर विकासखंड के ग्राम पिपरिया के रहने वाले हीरा चंदेल ने बताया, कीर्ति मेरी छोटी बेटी है। उसने कॉलेज से बीएससी कंप्लीट किया है। एमएससी के लिए फॉर्म भरना था, लेकिन जून में अचानक उसकी कमर के नीचे दर्द होने लगा। कई जगह इलाज चला। फिर उसे रायपुर एम्स हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया। यहां पता चला कि उसकी रीढ़ की हड्डी में ट्यूमर है। रायपुर एम्स में ऑपरेशन हुआ और वह ठीक हुई तो घर ले आए। कुछ महीने सही रही। 5 जनवरी सोमवार की शाम अचानक फिर दर्द तेजी से बढ़ने लगा तो उसे जिला अस्पताल में भर्ती करवाया। यहां आईसीयू में डॉक्टरों ने चेक कर बताया कि उसे भोपाल एम्स शिफ्ट किया जा रहा है। एयर एम्बुलेंस को बुधवार को दोपहर साढ़े 12 बजे आना था। टाइम चेंज होकर ढाई बजे हुआ। फिर कैंसिल हो गया। इसके बाद आज सुबह 10.45 बजे बेटी को एयरलिफ्ट किया गया। सड़क मार्ग से नहीं ले जा सकते थे
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर मनोज पांडेय ने बताया, मरीज को सड़क मार्ग से ज्यादा दूर तक नहीं ले जाया जा सकता। लिहाजा भोपाल एम्स में बात कर एयर एम्बुलेंस बुलवाई गई। इसमें मेडिकल स्टाफ मौजूद रहता है। मरीज के परिवहन और इलाज की सुविधा निशुल्क है। आयुष्मान कार्ड से पूरा इलाज होगा। हेलीपैड में कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया, एसडीएम भारती मरावी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर मनोज पांडेय सहित पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। मरीज को ले जाने पहली बार ग्रीन कॉरिडोर बनाया
ट्रैफिक निरीक्षक सुभाष उईके ने बताया कि जिला अस्पताल से हेलीपैड तक करीब एक किलोमीटर का ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। कई जगह पुलिस तैनात थी, ताकि एम्बुलेंस के रास्ते में रुकावट न हो। डिंडौरी में पहली बार मरीज को एयर एम्बुलेंस से ले जाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया है। एग्जीक्यूटिव इंजीनियर बोले- कलेक्टर को पत्र लिख रहे
डिंडौरी में हेलीपैड पीडब्ल्यूडी ने बनाया है। वीआईपी मूवमेंट के समय इसका इस्तेमाल किया जाता है। कुछ दिन पहले ही ग्राउंड में लाइट के लिए पोल लगाए गए हैं। इसी के तार हेलीपैड के आसपास लगे हुए थे।पीडब्ल्यूडी के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर एमएस धुर्वे ने बताया, कलेक्टर को पुलिस ग्राउंड से पोल शिफ्ट करने के लिए पत्र लिख रहे हैं। या तो खुले मैदान में हेलीपेड बनवाया जाए। सुरक्षा के लिहाज से ग्राउंड में दोबारा लैंडिंग की परमिशन नहीं दी जा सकती। हेलिकॉप्टर के साथ फोटो खिंचाते दिखे लोग
एयर एम्बुलेंस के हेलीपैड पर उतरते ही लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। लोग हेलिकॉप्टर के साथ फोटो खिंचाते नजर आए। एसडीओपी सतीश द्विवेदी का कहना है कि वीआईपी मूवमेंट में सुरक्षा व्यवस्था रहती है। ये तो मरीज को लेने आया था। मैदान में सुरक्षा के लिहाज से जवान तैनात किए गए थे। लोगों को मना भी किया गया था कि हेलिकॉप्टर के पास न जाएं। लेकिन वे नहीं माने।

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