दमोह के तेंदूखेड़ा में गुरुवार सुबह पति-पत्नी और उनकी डेढ़ साल की बेटी के शव घर में ही फंदे पर लटके मिले। पड़ोसियों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया। जानकारी के मुताबिक मनीष केवट (30), पत्नी दसौदा केवट और डेढ़ साल की की बेटी आरोही के साथ तेंदूखेड़ा के वार्ड क्रमांक एक में रहता था। मनीष मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। देखिए 2 तस्वीरें… साली ने दरवाजा खुलवाया, तो कोई हलचल नहीं हुई
मनीष केवट की साली और दसौदा की बहन भी घटनास्थल पर पहुंची। उसने बताया कि उसे घटना के बारे में कोई जानकारी नहीं है। जब वह घर पहुंची और दरवाजा खुलवाया, तो अंदर से कोई हलचल नहीं हुई। दरवाजा तोड़ने पर अंदर तीनों के शव फंदे से लटके मिले। तेंदूखेड़ा थाना प्रभारी रविंद्र बागरी ने बताया कि शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दिया है। एसपी बोले- दीवार पर कुछ लिखा है, जांच कर रहे
दमोह एसपी श्रुतिकीर्ति सोमवंशी ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। एसपी ने कहा- फिलहाल कोई स्पष्ट कारण समझ नहीं आ रहा है। पड़ोसियों और परिजन के बयान लिए जा रहे हैं। दीवार पर कुछ लिखा है, उसे भी जांच में लिया है। डॉक्टरों के पैनल से तीनों शवों का पीएम कराया जाएगा। ये खबर भी पढ़ें… ‘जीजा के दूसरी महिला से संबंध…इसलिए बहन को मार डाला कांसल पिपरिया निवासी रचना के भाई रवींद्र लोधी ने आरोप लगाया कि बहन ने सुसाइड नहीं किया है, उसकी हत्या की गई है। डेढ़ साल से घर में तनाव चल रहा था। जीजा के बड़े भाई की मौत करीब डेढ़ साल पहले बीमारी के कारण हो गई थी। रवींद्र की बहन रचना लोधी और उसके दो भानजों ऋषभ और राम लोधी के शव फांसी के फंदे पर लटके मिले थे। पढ़ें पूरी खबर…


