सीएम बोले-कैंसर कौन? राहुल गांधी या प्रदेश के नेता:पीसीसी चीफ के बयान पर कहा- सफाई दें कांग्रेस चला रहे नेता, JC मिल की समीक्षा बैठक ली

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कांग्रेस पार्टी में कैंसर वाले बयान को लेकर पीसीसी चीफ जीतू पटवारी पर निशाना साधा। मंगलवार को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा के भतीजे की शादी में ग्वालियर आए सीएम ने मीडिया से चर्चा की। मुख्यमंत्री के साथ ही ज्योतिरादित्य सिंधिया, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर सहित कई बड़े नेता व वीआईपी शादी में शामिल होने पहुंच रहे हैं। सीएम का तंज- पूछा कैंसर कौन राहुल गांधी या प्रदेश के नेता? पटवारी के बयान को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा, मुझे अटपटा लग रहा है कि कांग्रेस परिवार में राहुल गांधी, सोनिया गांधी जैसे बड़े-बड़े नेता हैं। अब मप्र में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अपने नेताओं को कैंसर बता रहे हैं। मैं समझ नहीं पा रहा हूं कि कैंसर किसको है। प्रदेश के नेता को है या राहुल गांधी को। मैं उम्मीद करता हूं कि जो भी पार्टी चला रहे हैं उन्हें स्पष्टीकरण देना चाहिए। उनकी अपनी पार्टी में जिस ढंग का भाव बना है, मुझे लगता है की राजनीति में सब बातें चलेंगी, लेकिन अपनी पार्टी के अंदर इस ढंग से बात रखने का नया रिवाज देख रहे हैं। ये बहुत ही गड़बड़ है। 25-30 साल पुरानी इंडस्ट्री के लिए अभियान चलाकर निराकरण करेंगे इस दौरान सीएम ने कहा कि हमारी सरकार औद्योगिक श्रमिक परिवार की मदद करने के लिए तत्पर है। हमने 25-30 साल से बंद कॉटन मिल और इंडस्ट्री के लिए अभियान चला कर निराकरण किया है। सरकार ने इंदौर-उज्जैन के कई उद्योगों के भुगतान का निराकरण कराया है। हमारी सरकार हमेशा से गरीब,कमजोर और मजदूर वर्ग के साथ है। CM बोले- जल्दी से जल्दी JC मिल के श्रमिकों का पैसा लौटाएंगे उन्होंने कहा कि ग्वालियर की JC मिल का पहले एक बार दौरा कर चुका हूं। अब दो राउंड बचे हैं। आज उसके संबंध में बैठक ले रहा हूं। JC मिल के श्रमिकों का पैसा जल्दी से जल्दी लौटाएंगे। हमारी संवेदनशीलता भी है और गरीब भाई-बहनों की इच्छा भी है। मैं उम्मीद कर रहा हूं कि प्रदेश में औद्योगीकरण का माहौल बना हुआ है। ऐसे कदमों से हमारे निवेश आकर्षित करने के प्रयासों को साहस मिलता है। सीएम ने संभाग आयुक्त कार्यालय में ली समीक्षा बैठक देर शाम सीएम यादव ने संभाग आयुक्त कार्यालय में ग्वालियर की सालों पहले बंद हो चुकी जेसी मील के मजदूरों के लंबित भुगतान की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान उनके साथ प्रदेश सरकार के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर भी मौजूद थे। बैठक के बाद यादव ने कहा, जेसी मिल 1921 में बनी थी। 1923 से लगातार काम शुरू हुआ था। इसके 8000 से ज्यादा श्रमिक बंधुओं का देनदारी का विषय हाईकोर्ट में लंबित चल रहा है। इसमें बैंक वाले और अन्य की उधारी को मिलाकर सरकार इस प्रकरण का निराकरण करना चाहती है। मैंने निर्देश दिए हैं कि पूरे प्रदेश में किसी भी मिल, इंडस्ट्री श्रमिक का पैसा बकाया है, तो उसका समाधान हमारी सरकार करेगी। जब हम नए उद्योग लगाने की बात कर रहे हैं तो पुराने उद्योगों की भी हमारी जवाबदेही है। हमने इंदौर की हुकुमचंद मिल का निराकरण किया था। उज्जैन की मिल का निराकरण किया है। इस तरह ग्वालियर की जेसी मिल के साथ रतलाम की सज्जन मिल सहित बाकी दूसरी इंडस्ट्रीज के समाधानों का भी क्रम आगे आ रहा है। आज हमने सभी के साथ बैठक कर उनके क्लेम के निराकरण के लिए चर्चा की है। पूरी उम्मीद है कि जल्द इसके अच्छे परिणाम सामने आएंगे। कल पुणे में रोड शो और निवेशकों से करेंगे चर्चा सीएम ने बुधवार को पुणे दौरे को लेकर कहा, हम रीजनल कॉन्क्लेव करते हुए ग्लोबल इन्वेस्टर समिट की तरफ आगे बढ़ रहे हैं। कल पुणे में रोड शो के साथ निवेशकों से चर्चा की जाएगी। सभी वर्गों में खुशहाली आए, सभी अपने पैरों पर खड़े हों ताकि प्रदेश आर्थिक रूप से मजबूत हो। इसको लेकर हम काम कर रहे हैं। अभी तक हमारी सात इन्वेस्टर्स समिट हो चुकी है। जिसमें लगभग साढ़े चार लाख करोड़ का निवेश हमें मिला है। चार लाख के लगभग लोगों को रोजगार भी मिलेगा। हमारी सरकार सभी को साथ लेकर इस तरह के निवेश के अभियान को आगे चलाती रहेगी। इसी सिलसिले में पुणे जाना हो रहा है। पुणे आईटी के साथ नए-नए कोर्सों को देखते हुए रोजगार की बड़ी संभावना का क्षेत्र है। आपको बता दे कि ग्वालियर रीजनल इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव में करोड़ों के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। यही वजह है कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव JC मील के लंबित भुगतानों के विवाद को खत्म कर उसकी जमीन पर आईटी सेक्टर से जुड़ा बड़ा निवेश लाने की कवायद कर रहे हैं। आईटी सेक्टर के आने पर ग्वालियर-चंबल अंचल के हजारों युवाओं को रोजगार मिल सकेगा। नए क्लेम बनाकर लिक्विडेटर को दिए ग्वालियर मजदूर कांग्रेस (इंटक) में महामंत्री राजेंद्र सिंह नाती ने कहा, सीएम साहब के सामने आज हमने अपना पक्ष रखा है। हमने नए क्लेम बनाकर लिक्विडेटर को दे दिए हैं। यह बात हमने मुख्यमंत्री जी के सामने रखी है। उन्होंने सारे अधिकारियों से बात करने के बाद लिक्विडेटर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात करने के बाद प्रेशराइज्ड किया है कि जल्दी से जल्दी इसे फरवरी-मार्च तक निपटाने का प्रयास करें। साथ ही हाईकोर्ट से जो भी डिसीजन आ जाएगा, उस आधार पर मजदूरों के भुगतान का पूरा प्रयास किया जाएगा। 8000 से ऊपर मजदूर हैं, जिनका निराकरण होना है।

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