जलदाय विभाग के मुख्य अभियंता और बाड़मेर प्रभारी मनीष बेनीवाल आगामी गर्मियों में पानी की समस्या नहीं आए, इसके लिए जिले के एक दिवसीय दौरे पर रहे। इस दौरान बाड़मेर और बालोतरा जिलों में पानी की चल रही परियोजनाओं को लेकर अधिकारियों के साथ मीटिंग की। बेनीवाल ने कहा की हम जल्दी ऐप बना रहे, जिससे कंज्यूमर को बिल भरने में परेशानी नहीं आएगी। लाइट विभाग की तरह पानी का बिल भर सकेंगे। निरीक्षण के दौरान जीरो पाॅइंट पर रोड नहीं बनने होने पर अधिकारियों से पूछा कि रोड क्यूं नहीं बनी। रोड़ तो पहले बनानी चाहिए थी। दरअसल, बाड़मेर में गर्मियों को पानी की भयंकर किल्लत होती है। इसको लेकर जलदाय विभाग पहले से एक्टिव हो गया है। सरकार ने इसको लेकर प्रभारी बनाए गए। जो इसकी पूरी मॉनिटरिंग करेंगे। मंगलवार को जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के मुख्य अभियंता मनीष बेनीवाल बाड़मेर पहुंचे। बेनीवाल के बाड़मेर आगमन पर अतिरिक्त मुख्य अभियंता सोनाराम बेनीवाल, जेपी शर्मा, अधीक्षण अभियंता हजारीलाल बालवा ने अगुवाई की। जिले के अधीक्षण अभियंता कार्यालय में जिले भर के अधिकारियों की बैठक लेकर जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा की। इसके साथ ही आगामी नहरबंदी, अमृत 2.0, राजस्व वसूली, अवैध नल कनेक्शन, प्रोजेक्ट के महत्वपूर्ण कार्यों को लेकर फीडबैक लिया। वहीं, जल जीवन मिशन के कार्यों की समीक्षा के दौरान कार्यों की गति को और तेज करने के निर्देश दिए। बैठक के बाद उन्होंने जीरो पॉइंट का निरीक्षण भी किया। इस निरीक्षण के दौरान बेनीवाल ने आगामी गर्मियों औऱ नहर बंदी को लेकर परियोजना खण्ड के अधिकारियों की भी बैठक लेते हुए पानी के बेहतर प्रबंधन के लिए चौबीस घण्टे अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए। मुख्य अभियंता मनीष बेनीवाल ने बताया- आमतौर पर गर्मियों की शुरुआत से ही पानी की कमी की बाते होती है। शिकायतों का इजाफा होता है लेकिन आगामी गर्मियों में किसी भी इलाके में पानी की कमी ना हो इसके लिए अभी से तैयारियां कर ली जाए। बेनीवाल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि नहरबंदी के समय बाड़मेर और बालोतरा में एक-एक दिन का स्टोरेज के लिए प्रस्ताव भिजवाने को कहा है। जैसलमेर से 262 करोड़ का प्लान आ गया। अधिकारियों ने बताया कि जमीन अपने पास में पड़ी है। गुड़ामालानी इलाके में जायका के टेंडर पेंडिंग है। यह जापान की एजेंसी है। शीघ्र टेंडर फाइनल किए जाएंगे। अमृत 2.0 अच्छी स्कीम है। बाड़मेर, बालोतरा और सिवाना के लिए 27 जनवरी को टेंडर खुलने वाला है। 15-20 दिन में ऑर्डर कर पाएंगे। अवैध कनेक्शन काटने की मुहिम हमारी चल रही है। लेकिन दिक्कत यह आ रही है कि कनेक्शन काटने के बाद वापस जोड़ देते है। इसकी रेगुलर मॉनिटरिंग के लिए निर्देश दिए। बिलों के वितरण को लेकर अमृत के अंदर जो मीटर लगेंगे। डिजिटल बिलिंग और कलेक्शन यह सभी अमृत के टेंडरों में है। अमृत का ठेकेदार ही आपके मीटर रीडिंग लेगा, बिल भी देगा और कलेक्शन भी करेंगा। राजस्थान में ऐप भी बना रहे है।


