चरही घाटी के यूपी मोड़ पर दुर्घटनाएं रोकने के लिए 500 मीटर घुमावदार मोड़ का चौड़ीकरण किया जा रहा है। घाटी के हनुमान मंदिर से हत्यारी मोड़ तक स्ट्रीट लाइट लगाए जाने का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। अब तक इस मोड़ पर, 9 साल में 37 दुर्घटनाओं में 32 की जान जाने के बाद अब सड़क चौड़ीकरण का उपाय किया जा रहा है, ताकि संभावित दुर्घटनाएं कम की जा सके या रोका जा सके। यूपी मोड़ के टर्निग रेडियस को कम करने के लिए एनएचआई द्वारा 500 मीटर तक चौड़ीकरण का काम गत आठ िदनों से जारी है। साथ ही घाटी के हनुमान मंदिर से लेकर हत्यारी मोड़ तक स्ट्रीट लाइट लगाने का प्रपोजल भी है। एनएचआई के अधिकारियों का मानना है कि रात में अंधेरा होने के कारण यूपी मोड़ के टर्निग पर विजिबिलिटी कम होना और वाहनों की तेज रफ्तार दुर्घटना का सबसे बड़ा कारण हैं। एनएचआई उन सभी कारण पर गहनता से विचार कर उसका समाधान करने में जुटी हुई है। इंजीनियर गौरव प्रशांत ने बताया कि एनएचआई सुरक्षा के कई उपकरण पर ध्यान दे रही है। जिसमें एमबी सीबी ( मेटल बीम क्रैश बैरियर), वाइट मार्किंग, साइन बोर्ड सहित कई तरह के उपकरण लगाए जाएंगे। वर्ष 2012 में उक्त सड़क को सिक्स लेन बनाया गया था। घाटी के यूपी मोड़ के पास-2015 से अब तक 37 सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी है। वर्ष 2024 तक इन दुर्घटनाओं में 32 लोगों की जान जा चुकी है। जब एनएच 33 सड़क फोरलेन बनना शुरू हुआ तो लोगों को लगा कि अब सड़क चौड़ी हो जाएगी तो दुर्घटना ना के बराबर होगी। लेकिन सिक्सलेन तो बनी लेकिन सड़क दुर्घटना और बढ़ गई। चरही घाटी में एक मोड़ यू आकार का है इसलिए उसका नाम यूपी मोड़ रख दिया गया। यह मोड़ यू आकार का होने के कारण, इस मोड़ से जम भी तेज रफ्तार से कोई भी गाड़ी टर्न लेती है तो चालक का संतुलन बिगड़ जाता है और गाड़ी एक लेन से पलट कर दूसरे लेन के डिवाइडर को तोड़ते हुए खाई में गिर जाती है।मोड़ की चौड़ाई बढ़ा कर दुर्घटना के रोकथाम की कोशिश की जा रही है। भास्कर ने लगातार यूपी मोड़ के चौड़ीकरण की खबर प्रमुखता से छापी है।


