हल्दी-कुमकुम सनातनी संस्कृत में अखंड सौभाग्य का प्रतीक

बड़वानी | मकर संक्रांति पर हल्दी कुमकुम सनातनी संस्कृति में अखंड सौभाग्य का प्रतीक है। जिससे सौभाग्य में वृद्धि होती है। पाटी में क्षत्रिय भावसार समाज महिला मंडल ने मकर संक्रांति उत्सव पर हल्दी कुमकुम का कार्यक्रम भावसार धर्मशाला में आयोजित किया। महिलाओं ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते हुए से सदा सुहागन रहने की कामना की। एक दूसरे को हल्दी कुमकुम लगा कर सुहाग की सामग्री व उपहार बांटे। इस दौरान महिला मंडल अध्यक्ष रेखा भावसार ने बताया जब हम तिल्ली को मुट्ठी में लेते हैं, तो वह फिसल जाती है लेकिन जब उसे गुड़ के साथ मिला दिया जाता है तो वह मिठास के साथ मजबूत हो जाती है। ऐसी ही मिठास व मजबूती हर समाज में होनी चाहिए। कार्यक्रम में पतंगों व फूलमाला से आकर्षक सेल्फी पाइंट बनाया। विभिन्न खेलकूद प्रतियोगिता नींबू रेस, बेलुन दौड़ व मनोरंजन गतिविधियां की गई। इस दौरान श्रद्धा भावसार, रेखा भावसार, राखी भावसार सहित अन्य महिलाएं मौजूद थी।

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