जिला स्कूल मैदान में चल रहे 10 दिवसीय राष्ट्रीय पुस्तक मेले में मंगलवार को वीना श्रीवास्तव के कविता संग्रह ‘चोंच भर बादल’ का लोकार्पण हुआ। अध्यक्षता डॉ. अशोक प्रियदर्शी ने की। डॉ. विनोद कुमार, डॉ. माया प्रसाद, डॉ. कमल बोस, रश्मि शर्मा ने कवयित्री की कविताओं पर अपने विचार व्यक्त किए। डॉ. कमल कुमार बोस ने ‘चोंच भर बादल’ की समीक्षा करते हुए कहा कि साहित्य की जो रचनात्मक त्रासदी है, वह व्यक्तिगत संवेदना का आंदोलन है। डॉ. विनोद कुमार ने कहा कि वीना श्रीवास्तव में लिखने का उत्साह है, वो कभी नहीं थकती। कवयित्री वीणा श्रीवास्तव ने अपनी सृजनयात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लिखने पर विश्वास करें, छपने पर नहीं। अच्छी रचना छापने के लिए हर प्रकाशक तैयार है। अशोक प्रियदर्शी ने कहा कि कवयित्री शहर की समृद्धता से भरी हुई हैं। संचालन सीमा चन्द्रिका तिवारी ने किया। मेरा हृदय, मेरा शरीर… कवयित्री सम्मेलन में कवयित्रियों डॉ. ममता मनोज सिन्हा, सुमिता सिन्हा, अनुपम श्री, मधुमिता साह, हीरा सोनी ने अपनी कविताओं, गीतों, गजलों से सबका मन मोह लिया। सुनीता सिन्हा ने कविता में अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए ‘मेरा मन, मेरा हृदय, मेरा शरीर…’ कविता सुनाई। अनुपम श्री ने ‘हां सच है, बिल्कुल सच है…. ’ कविता सुनाई। मेले में नृत्य प्रतियोगिता में बच्चों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया।


