राज्य में हुए शराब घोटाला मामले में एसीबी इसी सप्ताह चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी में है। एसीबी के अधिकारियों ने इससे जुड़ी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। सूत्रों के अनुसार, तीन दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी। चार्जशीट की समय-सीमा की गणना 13 अक्टूबर से की जा रही है, जब गुजरात के अहमदाबाद से प्लेसमेंट एजेंसी मेसर्स विजन हॉस्पिटैलिटी सर्विसेज एंड कंसल्टेंट्स से जुड़े तीन निदेशकों को गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के 90 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल करना अनिवार्य है, अन्यथा आरोपियों को डिफॉल्ट बेल का लाभ मिल जाएगा। एसीबी के मुताबिक, 90 दिन की अवधि 11 जनवरी को पूरी हो रही है। चूंकि 11 जनवरी रविवार है, इसलिए उससे एक दिन पहले ही चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी। इस बार एसीबी ने तय किया है कि किसी भी स्थिति में समय-सीमा नहीं चूकेगी। हालांकि, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इस चार्जशीट में पूर्व में गिरफ्तार 11 आरोपियों को भी शामिल किया जाएगा या नहीं। इस पर एसीबी स्तर पर विचार जारी है। शराब घोटाला मामले में एसीबी के रांची स्थित थाना में 20 मई 2025 को कांड संख्या 09/2025 दर्ज किया गया था। प्राथमिकी में उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के तत्कालीन शीर्ष अधिकारियों और निजी एजेंसियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। एफआईआर के अनुसार, उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग के तत्कालीन प्रधान सचिव विनय कुमार चौबे, तत्कालीन संयुक्त आयुक्त उत्पाद गजेंद्र सिंह, प्लेसमेंट एजेंसी मेसर्स मार्शन इनोवेटिव सिक्योरिटी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के स्थानीय प्रतिनिधि नीरज कुमार सिंह, एवं अन्य आरोपियों ने आपराधिक साजिश के तहत नियमों की अनदेखी कर अपनी चहेती एजेंसियों को मैनपावर सप्लाई का ठेका दिया। जांच में यह भी सामने आया कि फर्जी बैंक गारंटी के आधार पर दो एजेंसियों मेसर्स मार्शन व मेसर्स विजन को मैनपावर आपूर्ति का ठेका दिया गया, जिससे राज्य सरकार को करीब 38 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ।


