पुलिस का नुक्कड़ नाटक…डिजिटल अरेस्ट से UPI फ्रॉड तक:कानपुर में साइबर अपराध पर पुलिस का जागरूकता अभियान, नाटक से समझाए ठगी के तरीके

साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए जागरूकता को सबसे प्रभावी हथियार मानते हुए पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने थाना नवाबगंज क्षेत्र स्थित पंडित दीन दयाल उपाध्याय विद्यालय में गुरुवार को विशेष साइबर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। महिला पुलिस कर्मियों ने नुक्कड़ नाटक से समझाए साइबर अपराध कार्यक्रम के दौरान 08 महिला पुलिस कर्मियों की टीम द्वारा एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। नाटक के माध्यम से डिजिटल अरेस्ट, साइबर फ्रॉड, फर्जी कॉल, फेक लिंक, ऑनलाइन ठगी और यूपीआई फ्रॉड जैसी घटनाओं को नाटकीय रूप में दिखाया गया, जिससे छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और आम लोगों को साइबर अपराधों की कार्यप्रणाली और उनसे बचाव के उपाय सहज भाषा में समझ में आए। नुक्कड़ नाटक को सहायक पुलिस आयुक्त आनंद ओझा ने अपने अनुभवों के आधार पर रोचक स्वरूप दिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इसी नुक्कड़ नाटक को आगे चलकर चौराहों, जनसभाओं और भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी प्रस्तुत किया जाएगा। साइबर अपराध अब सामाजिक समस्या बन चुके हैं: पुलिस आयुक्त नुक्कड़ नाटक के बाद पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने विद्यार्थियों, शिक्षकों और गणमान्य नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा कि साइबर अपराध अब केवल तकनीकी चुनौती नहीं रह गए हैं, बल्कि यह एक गंभीर सामाजिक समस्या बन चुके हैं। अपराधी लगातार अपने तरीकों में बदलाव कर आमजन की छोटी-छोटी लापरवाहियों का फायदा उठा रहे हैं। उन्होंने बताया कि केवाईसी प्रक्रिया की खामियों का दुरुपयोग कर म्यूल अकाउंट तैयार किए जा रहे हैं, जिनका इस्तेमाल बड़े पैमाने पर साइबर ठगी और अवैध लेन-देन में हो रहा है। साथ ही हाल के प्रमुख साइबर अपराधों, विवेचना के दौरान हुए खुलासों और बरामदगी की जानकारी भी साझा की। 1930 हेल्पलाइन और साइबर हेल्पडेस्क की दी जानकारी इस मौके पर पुलिस आयुक्त द्वारा साइबर जागरूकता पंपलेट वितरित किए गए और 1930 साइबर हेल्पलाइन नंबर तथा थानों में स्थापित साइबर हेल्पडेस्क के बारे में बताया गया। उन्होंने अपील की कि किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में देरी न करें और तुरंत सूचना दें, साथ ही अज्ञात कॉल, लिंक या संदेश पर प्रतिक्रिया न करें। बच्चे बन सकते हैं परिवार के साइबर सुरक्षा रक्षक पुलिस आयुक्त ने विशेष रूप से बच्चों से कहा कि डिजिटल रूप से दक्ष युवा पीढ़ी अपने माता-पिता और बुजुर्गों को स्मार्टफोन, यूपीआई और ऑनलाइन भुगतान के सुरक्षित उपयोग के प्रति जागरूक कर सकती है, जिससे पूरा परिवार साइबर ठगी से बच सके। साइबर सुरक्षा के साथ जीवन मूल्यों पर भी दिया संदेश कार्यक्रम में शिक्षा का महत्व, कानून पालन, पुलिस-जन मैत्री, नशे से दूरी, आपात स्थिति में 112 नंबर, अनुशासन, ईमानदारी, भारतीय संस्कृति और मूल्यों की रक्षा जैसे विषयों पर भी प्रकाश डाला गया। पुलिस आयुक्त ने बच्चों को अच्छा नागरिक बनने और समाज के प्रति जिम्मेदार रहने की सीख दी। कार्यक्रम के अंत में कक्षा 9 की छात्रा वैभवी गिरि ने पुलिस आयुक्त को धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित कार्यक्रम में संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध/मुख्यालय), अपर पुलिस उपायुक्त मुख्यालय, सहायक पुलिस आयुक्त कलक्टरगंज, सहायक पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था, स्टाफ ऑफिसर, विद्यालय के प्रधानाचार्य राकेश त्रिपाठी, वीएसएसडी कॉलेज की प्राचार्या नीरू टंडन, निदेशक अंशू सिंह सेंगर, शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहीं।

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