गांवों में कुएं व बोरवेल खुले पड़े, बंद कराने की सलाह देकर भूली सरकार

मुकेश शर्मा सालभर पहले कोटपूतली के गांव कीरतसिंहपुरा में खुले बोरवेल में 3 साल की बच्ची चेतना की मौत से प्रशासन हिल गया था। इसके बाद प्रशासन ने खुले कुओं व बोरवेल को बंद करवाने के आदेश दिए थे। कुछ दिनों तक पालना हुई। लेकिन वर्तमान में हालत फिर वही हैं। नीमराना उपखंड क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्र में प्रशासन के आदेशों के बाद भी जगह-जगह खुले कुएं व बोरवेल हादसे को आमंत्रण दे रहे हैं। जो सरकारी नुमाइंदों की संवेदनहीनता व लापरवाही की बानगी को दर्शाता है। घटना के बाद आनन-फानन में आदेश दिए जाते हैं तामील के नाम पर खानापूर्ति ही नजर आती है। नीमराना उपखंड क्षेत्र के अधिकांश गांवों में पुराने व सार्वजनिक कुएं व सरकारी बोरवेल खुले पड़े हैं। जो आबादी, आम रास्तों व सड़क किनारे पड़ हैं। इनसे कभी भी जन हानि होने का अंदेशा बना रहता है। प्रशासन सिर्फ गाइडलाइन बनाकर भूल गया। खुला बोरवेल। जिम्मेदारी हमारी भी, खुले बोरवेल न छोड़ें पिछले साल कोटपूतली में हुई घटना के बाद सरकार ने गाइडलाइन बनाई। लेकिन कुछ दिन बाद एडवाइजरी बनाकर भूल गई। इसमें आमजन की भी गलती रहती है। बोरवेल को खुला छोड़ देते हैं। अगर 500 रु. का ढक्कन भी लगा दे तो यह हादसे रुक जाएं। सरकार और प्रशासन को बच्चों की जिंदगी बचाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। ^खुले कुएं व बोरवेल की जानकारी मुझे नहीं हैं। अगर ऐसा है तो टीम भेजकर इन्हें ढका जाएगा। -नरेंद्र शर्मा, विकास अधिकारी नीमराना। माजरी खुर्द गांव में गोहर कुआं कुम्हारों के मोहल्ले में स्थित है, जो काफी जर्जर । इसके पास से राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल के छात्र -छात्राएं आते हैं। वहीं नयोड़ा कुआं, खारिया कुआं मोहल्ले से कांटी की ओर जाने वाले रास्ते का कुआं भी खुला पड़ा है। इस रास्ते से दिन रात लोगों का आना जाना लगा रहता है। दोसोद गांव के माजरी कलां- निहालपुरा सड़क मार्ग स्थित चौराहा पर सार्वजनिक कुआं खुला है। वहीं कुछ दूरी पर रैवाणा गांव के राजस्व क्षेत्र में सड़क किनारे माजरी कलां ग्राम पंचायत द्वारा पेयजल आपूर्ति के लिए बनाया गया बोरवेल है। इस पर ढ़क्कन भी नहीं लगा हुआ है। पिछले साल जनवरी माह में कोटपूतली बच्ची बोरवेल में गिरी। इससे पहले 9 दिसम्बर 2024 को दौसा में बालक बोरवेल में गिर गया था। इसी तरह बहरोड़ के जखराना में सितंबर 2022 में खेत में रखवाली कर रहा बुजुर्ग पैर फिसलने से कुएं में गिरा था। साल 2023 में तसींग में गांव वाले खुले कुएं में महिला फिसलकर गिर चुकी। राजस्थान में 5 साल में बच्चों के बोरवेल में गिरने के 14 से ज्यादा मामले हुए हैं। इनमें 7 बच्चों की मौत हो गई थी।

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