आज के दौर में शॉपिंग केवल जरूरत पूरी करने का जरिया नहीं, बल्कि स्टेटस दिखाने और लाइफस्टाइल को बेहतर बताने का तरीका भी बन रही है। हालांकि शहर में कई मामलों में बेकाबू हुई यह आदत परिवार की आर्थिक स्थिति को भी गहरा नुकसान पहुंचा रही है, क्योंकि शॉपिंग की आदतें जरूरत से ज्यादा बढ़ने से यह न सिर्फ आर्थिक समस्याएं पैदा कर रही है, बल्कि परिवार के रिश्तों पर भी असर डाल रही है, जो लड़ाई झगड़े और तनाव का कारण बन रही है। शहर के विशेषज्ञों का कहना है कि महिलाओं के लिए शॉपिंग का चलन एक शौक से बढ़कर लत बनता जा रहा है। खासतौर पर मिडिल क्लास परिवारों की कई महिलाएं इस समस्या से जूझ रही हैं। रोजाना शॉपिंग की आदत न केवल उनके घर का बजट बिगाड़ रही है, बल्कि मानसिक तनाव का कारण भी बन रही है। इसके कारण कई परिवारों में झगड़े और आर्थिक संकट उत्पन्न हो रहे हैं, इसलिए खर्च पर नियंत्रण रखना और समझदारी से खरीदारी करना जरूरी है। बजट बनाकर उस पर कायम रहें शहर की एक प्रमुख इंटरनेशनल ट्रेनर का कहना है शॉपिंग एक हद तक अच्छी है, क्योंकि यह व्यक्ति को खुशी और संतुष्टि देती है, लेकिन आजकल शॉपिंग की जरूरत से ज्यादा बढ़ रही लत मानसिक और आर्थिक समस्याओं को जन्म दे रही है। महीने में करीब 7 से 8 केस इस तरह की समस्या के उनके पास पहुंच रहे हैं। पिछले कुछ सालों में यह समस्या लगातार बढ़ रही है। जबकि पहले ऐसा बहुत कम होता था। इससे मिडिल क्लास परिवारों का बजट भी बिगड़ रहा है। बजट बिगड़ने से घर में क्लेश भी होने लगता है। कभी कभी मामला काफी गंभीर भी हो जाता है। महिलाएं क्रेडिट कार्ड पर निर्भर हो रही हैं, जिससे कर्ज का बोझ बढ़ रहा है। इस समस्या से बचने को बजट बनाकर उस पर कायम रहें। क्रेडिट कार्ड का कम इस्तेमाल करें। शो ऑफ के लिए नहीं, बल्कि जरूरत के हिसाब से शॉपिंग करें। शॉपिंग की लत से उबरना मुश्किल नहीं है, बस खुद को अनुशासित करने की जरूरत है। {हर पार्टी में नई ड्रेस पहनने का जुनून : एक मिडिल क्लास महिला को पार्टीज का बहुत शौक था। वह हर बार नई ड्रेस पहनने पर जोर देती थी, क्योंकि उसे लगता था कि कपड़े रिपीट करने से उसका स्टैंडर्ड कम हो जाएगा। हर बार नई ड्रेस खरीदने की आदत से घर का बजट बिगड़ने लगा, लेकिन वह इस पर ध्यान नहीं देती थी। जब पति ने इस बात का विरोध किया, तो घर में झगड़े शुरू हो गए और इस तरह फिजूलखर्ची घरेलू तनाव का कारण बन गई। {क्रेडिट कार्ड की लत और कर्ज में डूबा परिवार : एक हाउसवाइफ को कपड़े और गहनों की ऐसी लत थी कि उन्होंने बिना सोचे-समझे क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल किया। पति की सलाह को नजरअंदाज कर, उन्होंने बार-बार खरीदारी की। आज परिवार पर कर्ज का बोझ है और पति व बच्चे मानसिक तनाव झेल रहे हैं। महिला को अपनी गलती का अहसास तो है, लेकिन अब उनके पास इस स्थिति से बाहर निकलने का कोई आसान रास्ता नहीं बचा। {ब्रांडेड कपड़ों का दिखावा : एक महिला को खुद को हाई क्लास दिखाने का ऐसा जुनून था कि वह ब्रांडेड कपड़े पहनने और कपड़ों को रिपीट न करने पर जोर देती थी। उसे लगता था कि यदि उसने ऐसा नहीं किया, तो दूसरी महिलाएं उस पर बात करेंगी। ऐसा इस वजह से था कि वह खुद भी दूसरों को लेकर अक्सर इस तरह का गॉसिप करती थीं। इस दिखावे की आदत ने उसकी आर्थिक स्थिति पर भारी दबाव डाल दिया। {बच्चों पर पड़ा आदतों का असर : एक महिला को शॉपिंग का इतना शौक था कि उसके बच्चे भी उसकी आदतों को अपनाने लगे। उन्होंने बिना सोचे-समझे खर्च करना शुरू कर दिया। घर का बजट हर महीने गड़बड़ाने लगा। जब महिला को अपनी गलती का अहसास हुआ, तो उसने खुद पर नियंत्रण किया और बच्चों को भी समझाया। इस तरह उसकी खुद की ही समझ से इस समस्या से बाहर निकलने में मदद मिली और यह कदम उनके परिवार के लिए फायदेमंद साबित हुआ।


