भास्कर न्यूज | बीजापुर दो दिनों के प्रवास पर बीजापुर पहुंचे उपमुख्यमंत्री व गृहमंत्री विजय शर्मा ने कलेक्टोरेट में जिला स्तर के अफसरों के साथ नियद नेल्ला नार योजना के तहत चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने विभागवार योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी लेते कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में 31 मार्च तक सशस्त्र नक्सलवाद का खात्मा किया जाएगा। इसके बाद बस्तर में शांति, सुरक्षा और विकास का नया अध्याय शुरू होगा। शर्मा ने कहा कि बीजापुर के सुदूर अंचलों में सड़क, बिजली, पानी, स्कूल, अस्पताल, आंगनबाड़ी सहित केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं से हर व्यक्ति को जोड़ा जाएगा। नक्सलमुक्त ग्राम पंचायतों को विशेष परियोजना के तहत ‘इलवद पंचायत’ के रूप में एक करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इसके साथ ही नियद नेल्ला नार योजना के तहत जिले के 201 गांवों को शामिल किया गया है। एडीजी ऑपरेशन विवेकानंद सिन्हा ने कहा कि पहले और आज के बीजापुर में स्पष्ट अंतर दिखाई देता है। पंचायत विभाग के सचिव भीम सिंह ने बताया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है। कलेक्टर संबित मिश्रा ने बीजापुर के समग्र विकास के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आश्वासन दिया। इस दौरान जिपं अध्यक्ष जानकी कोरसा, कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी, संचालक अश्विनी देवांगन, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेंद्र यादव, डीएफओ रंगानाथन रामाकृष्णन, जिपं सीईओ नम्रता चौबे, इंद्रावती टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक संदीप बलगा सहित अन्य मौजूद थे। पुनर्वासित युवाओं से की मुलाकात : इसके अलावा डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने पुनर्वास केंद्र पहुंचकर आत्मसमर्पण के बाद पुनर्वास की दिशा में बढ़ चुके युवाओं से मुलाकात की। उन्होंने केंद्र में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। इसके साथ ही युवाओं को अपने परिवार से लगातार संपर्क बनाए रखने भी कहा। युवाओं ने बताया कि रविवार को साप्ताहिक बाजार में उनके परिजन आते हैं, वे पुनर्वास केंद्र पहुंचकर मुलाकात करते हैं। इसके साथ ही मोबाइल से भी नियमित बात होती रहती है। शर्मा ने बस्तर ओलंपिक में शामिल युवाओं से उनके अनुभव जाने। बस्तर पंडुम में भी हिस्सा लेने युवाओं को प्रेरित किया गया। महिलाओं को प्रशिक्षण देकर रोजगार दिलाएं डिप्टी सीएम शर्मा ने इमली के मूल्यवर्धन को प्रभावी आजीविका गतिविधि के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एसएचजी की महिलाएं केवल कच्ची इमली की बिक्री तक सीमित न रहें, बल्कि इमली की ग्रेडिंग, बीज निष्कासन और प्रसंस्करण कर अधिक मूल्य प्राप्त करें। व्यापारियों ने बताया कि वनोपज के वैल्यू एडिशन से कच्चे उत्पाद की तुलना में दो से चार गुना तक अधिक मूल्य प्राप्त किया जा सकता है। डिप्टी सीएम ने इमली के साथ महुआ, टोरा, चिरौंजी और आंवला सहित अन्य वनोपजों का संग्रहण, प्रसंस्करण और मूल्यवर्धन की समीक्षा भी की। उन्होंने महिलाओं को वैज्ञानिक प्रशिक्षण और अध्ययन भ्रमण से जोड़ने पर जोर दिया।


