14 जनवरी को धनु राशि से मकर राशि में सूर्य करेंगे राशि परिवर्तन

भास्कर संवाददाता| विदिशा 14 जनवरी को सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करेंगे। इसी के साथ मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाएगा। खगोल शास्त्रियों के अनुसार सूर्य इस दिन अपनी दिशा बदलते हैं। दक्षिणायन से उत्तरायण होकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं। इसे संक्रांति कहा जाता है। धर्माधिकारी पंडित विनोद शास्त्री ने बताया, मकर संक्रांति को अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने का प्रतीक माना गया है। दृश्य गणित के अनुसार सूर्य दोपहर 3.06 बजे मकर राशि में प्रवेश करेंगे। सिद्धांत गणित के अनुसार यह समय रात 9.29 बजे रहेगा। शास्त्रों में उत्तरायण को देवताओं का दिन और दक्षिणायन को रात्रि कहा गया है। मकर संक्रांति से देवताओं का प्रभात काल शुरू होता है। इस दिन स्नान, दान, जप, तप, श्राद्ध और अनुष्ठान का विशेष महत्व होता है। तीर्थ स्थलों और मंदिरों में स्नान और दर्शन के लिए भारी भीड़ उमड़ती है। प्रयागराज में गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम पर स्नान का विशेष पुण्य माना गया है। मान्यता है कि इस दिन सभी देवी-देवता अपना रूप बदलकर संगम पर स्नान करने आते हैं। पंडित विनोद शास्त्री के अनुसार मकर संक्रांति भारतीय परंपरा का महापर्व है। इसमें खगोलीय परिवर्तन, ज्योतिषीय नियम, आध्यात्मिक चेतना और कर्म धर्म का समावेश होता है। धार्मिक ग्रंथों में मकर संक्रांति के स्नान को पुण्यदायक और स्वास्थ्यवर्धक बताया गया है। सूर्य के उत्तरायण होने से गर्मी का मौसम शुरू होता है। ऐसे में स्नान सुखद और लाभकारी होता है। प्रयागराज में हर साल माघ मेला लगता है प्रयागराज में हर साल माघ मेला लगता है। इसमें श्रद्धालु कल्पवास करते हैं। 12 साल में कुंभ और 6 साल में अर्धकुंभ मेला लगता है। भारत का सबसे प्रसिद्ध मेला पश्चिम बंगाल के गंगासागर में मकर संक्रांति पर लगता है। मान्यता है कि इस दिन गंगा स्वर्ग से उतरकर भागीरथ के पीछे-पीछे कपिल मुनि के आश्रम पहुंचीं और सागर में मिल गईं। गंगा जल से राजा सगर के 60 हजार पुत्रों का उद्धार हुआ था। इसी कारण गंगासागर में मेला लगता है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *