भास्कर संवाददाता| विदिशा| शहर के ताकतवर माने जाने वाले व्यापार महासंघ में अब विरोध के सुर तेज हो गए हैं। गुरुवार को महासंघ के उपाध्यक्ष आशीष मोदी, विवेक शर्मा, चेतन बलेचा, मनोज पंजबानी और राजेश ने प्रेस वार्ता कर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि महासंघ में वर्षों से चुनाव नहीं हुए। इससे नए व्यापारियों को न तो चुनाव लड़ने का मौका मिल रहा है, न ही वोट डालने का अधिकार। महासंघ में 36 संगठन हैं। इनमें 36 डाइरेक्टर व्यापारी चुनकर आते हैं। इनमें से 75 प्रतिशत डाइरेक्टर कई सालों से पद पर जमे हैं। चुनाव न होने से नए चेहरों को मौका नहीं मिल पा रहा। प्रेस वार्ता में बताया गया कि अध्यक्ष पद के लिए नई प्रक्रिया लागू करने की बात हो रही है। लेकिन बाकी पदों पर पुरानी परंपरा ही जारी रहेगी। पहले महासंघ में 3 हजार से ज्यादा व्यापारी जुड़े थे। अब शहर में 10 हजार से ज्यादा व्यापारी हैं। इसके बावजूद अधिकांश व्यापारी महासंघ से नहीं जुड़ पाए हैं। अगर सभी व्यापारी जुड़ते हैं तो महासंघ और मजबूत हो सकता है।अध्यक्ष को चुनने के लिए डाइरेक्टर वोट डालते हैं। यह परंपरा काफी पुरानी है। अब इसे बदलने की मांग उठ रही है। महासंघ के 184 सदस्य ही अध्यक्ष के लिए वोट डालते हैं। पहले हर 3 साल में चुनाव होते थे। इस बार 4 साल होने को हैं, फिर भी चुनाव की कोई तैयारी नहीं दिख रही। 7 महीने पहले चुनाव कराने की मांग लिखित में दी गई थी। उस समय कहा गया था कि समिति की बैठक होगी। उसमें तारीख तय कर चुनाव प्रक्रिया शुरू की जाएगी। लेकिन अब तक बैठक नहीं हुई। इससे कई डाइरेक्टर और पदाधिकारी नाराज हैं।


