भास्कर संवाददाता| विदिशा ट्रैफिक थाने में वाहन चालकों के लिए नेत्र परीक्षण शिविर लगाया गया। शिविर में ट्रक, बस और ऑटो चालकों की आंखों की जांच की गई। कुल 250 चालकों का परीक्षण हुआ। इनमें 217 की नजर सामान्य पाई गई। 13 चालकों की दूर की और 20 चालकों की पास की नजर कमजोर मिली। जिनकी नजर कमजोर पाई गई, उन्हें समय पर इलाज कराने, सावधानी बरतने और डॉक्टर से सलाह लेने की हिदायत दी गई। शिविर में जांच का नेतृत्व डॉ. अंकित चतुर्वेदी ने किया। वे प्राथमिक शहरी स्वास्थ्य केंद्र करैया खेड़ा के चिकित्सा अधिकारी हैं। उनके साथ स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सभी जांचें कीं और जरूरी सलाह दी। पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी ने कहा, सड़क सुरक्षा केवल कानून नहीं, सामाजिक जिम्मेदारी है। जागरूकता, सतर्कता और समय पर मदद से कई जानें बचाई जा सकती हैं। शिविर में चालकों को सड़क सुरक्षा नियमों, सुरक्षित ड्राइविंग और दुर्घटना रोकथाम से जुड़ी जानकारी दी गई। पंपलेट बांटे गए। पुलिस अधीक्षक ने चालकों को हेलमेट, सीट बेल्ट के उपयोग और ओवर स्पीडिंग से बचने की सलाह दी। उन्होंने राहवीर योजना की जानकारी भी दी। इस योजना के तहत सड़क हादसे में घायल को गोल्डन ऑवर में अस्पताल पहुंचाने वाले को केंद्र सरकार 25 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति पत्र देती है। इससे लोग घायलों की मदद के लिए आगे आएं।


