भास्कर संवाददाता | बैतूल जिले के विभिन्न सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में पदस्थ पांच बांड डॉक्टरों द्वारा सार्थक एप पर फर्जी तरीके से अटेंडेंस लगाने का मामला सामने आया है। स्वास्थ्य विभाग की आईटी सेल ने प्रदेश के 48 जिलों में ऐसे डॉक्टरों को चिन्हित किया था, जिसमें बैतूल जिले के भी पांच डॉक्टर शामिल पाए गए। सूची मिलने के बाद सीएमएचओ बैतूल ने जांच कराते हुए संबंधित पांचों बांड डॉक्टरों का दिसंबर माह का वेतन रोक दिया है। साथ ही मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की है, जिसे तीन दिन में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। सीएमएचओ डॉ. मनोज कुमार हुरमाड़े ने बताया कि सार्थक एप पर फोटो या वीडियो के माध्यम से अटेंडेंस लगाने वाले डॉक्टरों में डॉ. संस्कृति साहू (पीएचसी भौंरा), डॉ. राहुल गहलोत (सीएचसी आठनेर), डॉ. सरस्वती कंगाले (सीएचसी भैंसदेही), डॉ. सूरज सोलंकी (सीएचसी प्रभातपट्टन) और डॉ. वैशाली भूमरकर (सीएचसी शाहपुर) शामिल हैं। जांच टीम में जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. प्रांजल उपाध्याय, सेहरा बीएमओ डॉ. केदार सिंह और जिला अस्पताल की दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. शुभांजलि को शामिल किया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


