जिला न्यायालय को एक व्यक्ति ने बम से उड़ाने की धमकी दी। उसने न्यायालय के ऑफिशियल मेल पर मेल करते हुए 2.35 बजे तक सभी जजों को बाहर निकालने को कहा। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस बम स्क्वायड के साथ तुरंत कोर्ट पहुंची। 7 घंटे तक पुलिस ने स्क्वायड के साथ कोर्ट का चप्पा-चप्पा खंगाला। लेकिन, कहीं कुछ भी नहीं मिला। बिलासपुर जिला न्यायालय के अलावे राजनांदगांव और मध्यप्रदेश के रीवा न्यायालय को भी उड़ाने की धमकी दी गई थी। लेकिन जांच में कहीं कुछ नहीं मिला। गुरुवार सुबह बिलासपुर जिला न्यायालय को धमकी भरा मेल मिलने के बाद हड़कंप मच गया। कोर्ट के अधिकारियों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। तत्काल दो बम स्क्वायड की टीम के साथ सभी अधिकारी कोर्ट पहुंचे। कोर्ट परिसर में खड़ी बाइक से लेकर पार्किंग में जजों की गाड़ियों की जांच की गई। इतना ही नहीं बम स्क्वायड ने कोर्ट रूम, जजों के चेंबर से लेकर सभी कमरे का चप्पा-चप्पा खंगाला। इस दौरान कोर्ट परिसर में रखे संदिग्ध वस्तु, कर्मचारियों के लंच बॉक्स आदि भी खुलवा कर देखे गए। लेकिन, पूरी टीम को कहीं कोई एक्सप्लोजिव, आरडीएक्स, आईईडी जैसी वस्तु नहीं मिली। फिलहाल मामले में जिला न्यायालय के अधिकारियों की रिपोर्ट पर पुलिस ने देर रात मेल भेजने वाले के खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज कर ली है। सेंडर ने लंच टाइम में ट्रिगर दबाने की दी थी धमकी
सेंडर ने दो तरीके से ब्लास्ट करने की बात कही थी। धमकी देने वाले का दावा था कि उनके 1 या 2 सदस्य लंच के समय कोर्ट के पास आएंगे। अगर वे रिमोट कंट्रोल ट्रिगर के साथ परिसर के 100 फीट के दायरे में आते हैं, तो आईईडी अपने आप फट जाएगा। दूसरा उसने सुसाइड अटैक की धमकी दी थी। जिसमें बताया था कि यदि किसी कारण से रिमोट काम नहीं करता है, तो सदस्य खुद बिल्डिंग के अंदर आएंगे और “श्रीलंका के ईस्टर ऑपरेशन” की तरह स्टाफ और अन्य लोगों के साथ खुद को उड़ा लेंगे।


