राजस्थान सरकार ने साढ़े पांच साल बाद जयपुर नगर निगम को फिर से अस्तित्व में लाने की तैयारी पूरी कर ली है। पांच माह बाद ग्रेटर नगर निगम व हेरिटेज नगर निगम एक हो जाएंगे और वार्डों की संख्या 250 की जगह करीब 152 हो जाएगी। इनका परिसीमन जून माह तक फाइनल होने जा रहा है। स्वायत्त शासन व नगरीय विकास विभाग के मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने वार्डों के नए सीमांकन जल्द से जल्द फाइनल करने को कहा है। यानी अगले निकाय चुनाव में जनता जयपुर नगर निगम के 152 वार्डों के लिए वोट करेगी। बता दें कि पिछली सरकार ने 2019 में 91 वार्डों को तोड़कर 250 किए थे। अब वर्तमान सरकार नए परिसीमन के तहत 3 से 4 वार्डों काे मिलाकर एक वार्ड बना रही है। मौजूदा वार्डों की आबादी अभी 9 हजार से 13 हजार के बीच है, जो नए परिसीमन के बाद 20 हजार से 30 हजार के बीच हो जाएगी। खास बात यह है कि नगर निगम का दायरा बढ़ाने पर भी विचार किया जा रहा है। इसके तहत रिंग रोड के भीतर नगर निगम और उसके बाद जेडीए का एरिया होगा। नए परिसीमन के लिए करीब 44 वार्डों का एरिया पूरी तरह बदल जाएगा, वहीं शेष वार्डों को एक-दूसरे में शामिल किया जाएगा। पांच साल पहले किए थे 91 से 250 वार्ड डीएलबी ने साढ़े 5 साल पहले परिसीमन करते हुए 91 वार्डों को तोड़कर 150 वार्ड बनाए थे, लेकिन कांग्रेसी विधायकों ने इसे लागू नहीं होने दिया। “ग्रेटर-हेरिटेज निगम को एक निगम किया जाएगा। तैयारी पूरी हो गई है। परिसीमन जल्द सामने आ जाएगा। करीब 150 वार्ड किए जा सकते हैं। निकाय एक निगम के होंगे।”
-झाबर सिंह खर्रा, यूडीएच मंत्री वार्ड की आबादी 20 से 30 हजार होगी, एरिया डबल होगा मायने : मुस्लिम बहुल वार्ड कम होने से भाजपा की पकड़ मजबूत होगी। मायने : पार्षद की ताकत बढ़ेगी। ज्यादा संख्या पर पकड़ होगी, जिसका फायदा पार्टी को विधानसभा चुनाव में मिलेगा। मायने… दोनों विधानसभा कांग्रेस के पास है, भाजपा उसमें सेंधमारी कर सकती है।


