जयपुर | बजट पूर्व प्रतिवेदन में राजस्थान ऑयल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने राज्य सरकार से राजस्थान को सरसों प्रदेश घोषित करने के साथ सरसों एवं सरसों तेल पर जीएसटी, मंडी शुल्क एवं किसान कल्याण सेस समाप्त करने की मांग की है। एसोसिएशन के कार्यकारी अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण गोयल तथा संयुक्त सचिव डी.डी. जैन ने कहा कि राज्य में सरसों पर 1 फीसदी मंडी शुल्क तथा आधा फीसदी कृषि कल्याण सेस है। इसे समाप्त करना जरूरी है। सरसों प्रदेश घोषित करने से प्रदेश में सरसों उत्पादन बढ़कर 100 लाख टन से ऊपर पहुंच जाएगा। अभी प्रति वर्ष करीब 50 लाख की पैदावार होती है। इसके बावजूद उत्पादन बेपड़ता होने से राज्य की करीब 60 फीसदी सरसों तेल इकाइयां बंद है। उन्होंने कहा कि तेल मिलों को किसानों से सीधे सरसों खरीद की इजाजत दी जानी चाहिए। इससे किसानों को उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा। कृषि विभाग में सरसों के लिए अलग विभाग हो, जो गुणवत्ता बीज लेकर सरसों की प्रति हैक्टेयर पैदावार बढ़ाने पर जोर दे।


