चाईबासा में हाथी ने फिर दो लोगों को मार डाला:वन विभाग को दो दिनों में नहीं मिल सका हाथी का लोकेशन, 9 दिनों में 21 की ले चुका है जान

चाईबासा में एक बार दो दांत के खूनी हाथी का हमला देखने को मिला। शुक्रवार की अहले सुबह हाथी ने दो लोगों को मार डाला। इसमें एक बच्चा शामिल है। घटना मझगांव प्रखंड के बेनीसागर पंचायत अंतर्गत खड़पोस के पास स्थित तिलोकुटी गांव की है। पिछले 48 घंटे से हाथी शांत था पर फिर से उसने उत्पात मचान शुरू कर दिया है। इस हाथी ने पिछले 9 दिनों में 21 लोगों की जान ले चुका है। इधर, हाथी की तलाश में जुटी वन विभाग की टीम को अब तक उसका सही लोकेशन नहीं मिल पाया है। पश्चिम ‎बंगाल के बांकुड़ा, जमशेदपुर के दलमा और ओडिशा वाइल्ड लाइफ की टीम यहां पहुंची है। शव हाथी के दांत में फंस गया प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, एक बच्चे की लाश हाथी के दांत में फंस गया। मृतकों में बेनीसागर निवासी 40 वर्षीय प्रकाश मालवा और एक बच्चा शामिल है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। इधर, गुरुवार की देर रात‎ को गुजरात स्थित वनतारा के ‎हाथी एक्सपर्ट को लेकर‎ डीएफओ आदिय‎ नारायण हाट गम्हरिया कैम्प‎ पहुंचे। देर रात को इसी कैम्प‎ से जंगल में हाथी की‎ खोजबीन की जा रही है। हाथी‎ के बारे में ग्रामीण अलग-‎अलग सूचनाएं दे रहे हैं। इसके ‎वेरिफिकेशन के लिए रातभर‎ मशाल लेकर टीम उन जगहों‎ पर पहुंची।‎ रात के समय लोगों पर हमला कर रहा जानकारी के अनुसार, एक जनवरी से यह हाथी लगातार रिहायशी इलाकों में घुसकर रात के समय लोगों पर हमला कर रहा है। अधिकतर घटनाएं तब हुईं, जब लोग अपने घरों में सो रहे थे। गुरुवार को कोई जनहानि नहीं हुई, जो बीते दिनों में दूसरा ऐसा दिन था। झारखंड के प्रधान मुख्य वन संरक्षक आशुतोष उपाध्याय और क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक स्मिता पंकज ने चाईबासा पहुंचकर प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। अधिकारियों ने वनकर्मियों के साथ बैठक की और क्विक रिस्पांस टीम को सक्रिय रखने तथा वन सुरक्षा समितियों को अलर्ट मोड में रखने के निर्देश दिए। वन विभाग ने बताया कि जैसे ही हाथी की सटीक लोकेशन मिलेगी, उसे तत्काल ट्रैंकुलाइज कर सुरक्षित क्षेत्र में स्थानांतरित किया जाएगा। वहीं, ग्रामीणों ने रात में गश्ती बढ़ाने और चेतावनी प्रणाली को मजबूत करने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी और की जान न जाए। हाथी से कैसे बचें: मिर्च और गोबर का धुआं करें‎ हाथी के आक्रमण से बचने के लिए लोग खलिहान में नहीं सोएं। बड़े ‎तने का पेड़ हो तभी मचान ‎बनाकर सो सकते हैं, लेकिन पतले‎ तने के पेड़ में मचान न बनाएं। घर ‎के अंदर ही लोग सोएं। अगर ‎खलिहान में फसल है तो मिर्च‎ गुंडी, गोबर के कंडे और धान के ‎भूसा को जलाकर रख दें। इससे ‎हाथी पास नहीं आएगा। हाथी धान व अन्य फसलों के गंध को सूंघ लेता है। ऐसे में कोशिश करें कि फसल नई हो तो‎ उसे मोटे प्लास्टिक से बंद करें।‎

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