चित्तौड़गढ़ शहर में छोटे व्यापारियों को डराने-धमकाने और उनसे जबरन रंगदारी वसूलने के मामले में गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों को कोर्ट ने तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। इन आरोपियों में एक सदर थाना क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर भी शामिल है, जिसके खिलाफ पहले से 11 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। वहीं एक अन्य आरोपी के खिलाफ भी चार पुराने मामले सामने आए हैं। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से अवैध वसूली, तोड़फोड़ और अन्य आपराधिक गतिविधियों को लेकर गहन पूछताछ कर रही है। हिस्ट्रीशीटर उदयलाल के खिलाफ 11 मुकदमों का आपराधिक रिकॉर्ड जांच अधिकारी एएसआई मुरलीदास ने बताया कि गिरफ्तार हुआ आरोपी सेंथी निवासी उदयलाल पुत्र नारायण गुर्जर सदर थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उसके खिलाफ पहले से ही 11 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। कानून के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति लंबे समय तक बार-बार अपराध करता है तो उसे आदतन अपराधी माना जाता है। उदयलाल के खिलाफ आर्म्स एक्ट, किडनैपिंग, छेड़छाड़, मारपीट और घर में घुसकर हमला करने जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वह अक्सर अवैध वसूली और मारपीट जैसी गतिविधियों में शामिल रहा है। एक आरोपी के खिलाफ चार केस, अन्य दो के खिलाफ कोई मुकदमा नहीं पुलिस के अनुसार आरोपी दीपेश के खिलाफ भी पहले से चार आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। वहीं घनश्याम और ईश्वर के खिलाफ अभी तक कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है। हालांकि पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं ये दोनों पहले किसी अन्य वारदात में तो शामिल नहीं रहे। पुलिस का कहना है कि रिमांड के दौरान पूछताछ में कई और खुलासे हो सकते हैं। अलग-अलग कामों के बावजूद भी बनाया गिरोह पुलिस जांच में सामने आया है कि चारों आरोपियों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति अलग-अलग है। उदयलाल आमतौर पर कोई स्थायी काम नहीं करता और कभी-कभी खेती कर लेता है। मारपीट और अवैध वसूली जैसे कामों में वह लिप्त है। भीलवाड़ा हाल सेंथी निवासी घनश्याम पुत्र कैलाश गिरी मोहन नामक व्यक्ति के यहां ट्रैक्टर चलाने का काम करता था। पंचवटी निवासी दीपेश पुत्र किशनलाल गमेती मजदूरी करता है। वहीं पंचवटी निवासी ईश्वर पुत्र दीपक जायसवाल की बापूनगर इलाके में एक छोटी किराने की दुकान है। ईश्वर की मां की दो महीने ही मौत हुई थी, जिसके बाद उसने किराने की दुकान खोली। बताया गया कि ईश्वर की दुकान पर बाकी आरोपियों का आना-जाना था, इसी दौरान उनकी दोस्ती हुई और वह भी इस गिरोह में शामिल हो गया। एएसआई मुरलीदास ने बताया कि इस मामले में अभी दो अन्य आरोपी धनराज और मोहन फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। पुलिस रिमांड के दौरान गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर अवैध वसूली नेटवर्क और अन्य घटनाओं की जानकारी जुटाई जा रही है। लंबे समय से था आरोपियों का डर स्थानीय लोगों का कहना है कि आरोपी काफी समय से राजीव गांधी पार्क के आसपास ठेले लगाने वाले गरीब लोगों को निशाना बना रहे थे। शराब के लिए रोजाना पैसे मांगना, पैसे नहीं देने पर मारपीट करना और ठेले तोड़ना उनकी आदत बन चुकी थी। कई ठेले वाले डर के कारण पुलिस में शिकायत नहीं कर पा रहे थे। पुलिस कार्रवाई के बाद अब इलाके के छोटे व्यापारियों में राहत और सुरक्षा का भरोसा जगा है। यह था मामला 6 जनवरी की रात को राजीव गांधी पार्क के बाहर बड़ा पाव और पानीपुरी का ठेला लगाने वाले शंकर लाल डांगी से बदमाशों ने रोजाना हफ्ता मांगा। पैसे देने से मना करने पर आरोपियों ने उसकी लारी में जमकर तोड़फोड़ कर दी और सारा सामान सड़क पर फेंक दिया, जिससे उसे भारी नुकसान हुआ। इसके बाद शंकर लाल ने सदर चित्तौड़गढ़ थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई और बताया कि आरोपी लंबे समय से ठेले वालों से जबरन वसूली कर रहे हैं। शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और गुरुवार को चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर उसी जगह जुलूस निकाला, जहां वे रंगदारी वसूला करते थे। *बदमाशों का जुलूस निकालते हुए माफी मंगवाने पहुंची पुलिस,VIDEO:* ठेले पर हफ्ता वसूलने पहुंचे थे, तोड़फोड़ कर सामान फेंका; बोले- गलती हुई माफ करो


