कान्हा टाइगर रिजर्व के दूरस्थ और दुर्गम इलाकों में वनकर्मियों के जीवन को सौर ऊर्जा से रोशन किया जा रहा है। पेट्रोलिंग कैंपों में बिजली की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सोलर सिस्टम लगाए गए हैं, जिससे कर्मचारियों को काफी मदद मिल रही है। लगभग 2184 वर्ग किलोमीटर में फैले कान्हा टाइगर रिजर्व के कोर, बफर और फेन अभ्यारण्य क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए 182 पेट्रोलिंग कैंपों से निगरानी की जाती है। इन इलाकों में सामान्य बिजली व्यवस्था का अभाव होने के कारण वन विभाग सौर ऊर्जा का व्यापक उपयोग कर रहा है। 182 कैंपों सहित 380 सोलर सिस्टम स्थापित वर्तमान में, 182 पेट्रोलिंग कैंपों के साथ-साथ बैरियर, वायरलेस स्टेशन, विश्राम गृह और परिक्षेत्र व सहायक परिक्षेत्र अधिकारियों के आवासों में लगभग 380 सोलर सिस्टम स्थापित किए गए हैं। इनकी क्षमता 1.2, 2 और 5 केवी तक है। इन सोलर सिस्टम से बिजली, पंखे, मोबाइल चार्जिंग और अन्य आवश्यक सुविधाएं संचालित हो रही हैं। लगभग 110 कैंपों में अतिरिक्त पेडस्टल फैन भी लगाए गए हैं। कुछ कैंपों में कर्मचारियों ने अपनी सुविधा के लिए टेलीविजन भी स्थापित किए हैं। सौर पंपों से वन्यप्राणियों को गर्मी में राहत गर्मी के मौसम में, जब जंगल के प्राकृतिक जलस्रोत सूख जाते हैं, तब सौर ऊर्जा से संचालित पंप वन्यप्राणियों के लिए पानी की व्यवस्था करते हैं। कान्हा में 1, 3 और 5 एचपी क्षमता के लगभग 67 सोलर पंप सिस्टम लगाए गए हैं, जिनकी कुल क्षमता लगभग 120 एचपी है। ये पंप सॉसर और जलाशयों को भरकर वन्यप्राणियों की प्यास बुझाते हैं। कान्हा टाइगर रिजर्व में वर्ष 2021 से सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के प्रयास जारी हैं। केंद्र और राज्य सरकार के साथ-साथ राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के सहयोग से ‘मिशन लाइफ’ के तहत अब तक लगभग 500 किलोवॉट सौर ऊर्जा प्रणाली स्थापित की जा चुकी है। कान्हा के अधिकांश कैंपों में सौर ऊर्जा से सुविधाएं कुल मिलाकर, कान्हा में 313 पेट्रोलिंग कैंप, बैरियर और वायरलेस स्टेशन हैं। इनमें से अधिकांश स्थानों पर सोलर सिस्टम के माध्यम से बिजली और पानी की सुविधा सुनिश्चित की गई है। कोर एरिया में आम लोगों की पहुंच नहीं होने के कारण वनकर्मियों का जीवन बेहद कठिन परिस्थितियों में गुजरता है। ऐसे में सौर ऊर्जा से उन्हें न केवल रोशनी और हवा मिल रही है, बल्कि मोबाइल चार्ज कर संपर्क बनाए रखने में भी मदद मिल रही है। कुल मिलाकर, कान्हा टाइगर रिजर्व में सौर ऊर्जा जंगल के बीच रहकर सेवा दे रहे वनकर्मियों और वन्यप्राणियों दोनों के लिए उजाले की किरण बनकर सामने आई है।


