लोक निर्माण विभाग के जिलों और डिवीजन में पदस्थ अभियंताओं द्वारा छह माह पहले लागू की गई नई एसओआर (शेड्यूल ऑफ रेट) पॉलिसी को नजरअंदाज कर पुराने एसओआर के आधार पर काम कराए जाने पर सड़क विकास निगम के प्रबंध संचालक भरत यादव ने कड़ा रुख अपनाया है। मामले की जानकारी मिलते ही एमपीआरडीसी के एमडी ने ऐसे अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई और स्पष्ट निर्देश दिए कि अब किसी भी हालत में पुराने एसओआर पर काम नहीं होना चाहिए।एमडी ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में इस तरह की शिकायतें सामने नहीं आनी चाहिए। सभी इंजीनियर नई एसओआर के तहत ही कार्य कराएं और समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण काम करें। टाइम लिमिट की बैठक में उठा मुद्दा टाइम लिमिट शुक्रवार को आयोजित बैठक के दौरान एमडी भरत यादव ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा सड़कों से संबंधित की गई सभी घोषणाओं पर तुरंत कार्रवाई की जाए। इसके लिए बजट प्रोविजन की प्रक्रिया शीघ्र शुरू की जाए, ताकि चालू वित्त वर्ष में ही संबंधित परियोजनाओं का कार्य प्रारंभ किया जा सके। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा घोषित प्रोजेक्ट्स के लिए न केवल वर्तमान वित्त वर्ष में काम शुरू हो, बल्कि आगामी वित्तीय बजट में भी इसके लिए आवश्यक प्रावधान किए जाएं। इसी तरह की कार्रवाई मुख्य सचिव के मॉनिटरिंग मामलों में भी अनिवार्य रूप से की जाए। अनुमति मांगने पर नाराज हुए एमडी बैठक के दौरान जब कुछ जिलों और डिवीजन के इंजीनियरों ने पुराने एसओआर के आधार पर काम कराने की अनुमति मांगी, तो एमडी यादव ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब नई एसओआर पॉलिसी छह माह पहले ही लागू हो चुकी है, तो पुराने दरों पर काम कराने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने दो टूक कहा कि सभी कार्य नई एसओआर के अनुसार ही कराए जाएं और गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।


