श्रीगंगानगर में एक प्राइवेट स्कूल संचालक के खिलाफ बिना मान्यता के स्कूल चलाने और स्कूल का नाम बदलकर फर्जी टीसी जारी करने के आरोप लगे हैं। आरोप है कि स्कूल संचालकों ने बच्चों के परिजनों को स्कूल के फर्जी डॉक्यूमेंट दिखाकर फीस वसूल कर ली और एडमिशन दे दिया। जबकि उनके पास स्कूल की मान्यता नहीं है। न्यायिक मजिस्ट्रेट, श्रीगंगानगर को दी शिकायत में शिकायतकर्ता अरुण कुमार निवासी सेतिया फार्म (श्रीगंगानगर) ने बताया- उनके बेटे को वर्ष 2024-25 में श्री चेतन्या टैक्रो स्कूल, पदमपुर बाईपास (श्रीगंगानगर) में कक्षा 10वीं में एडमिशन दिलाया था। स्कूल प्रबंधन ने 72 हजार रुपए स्कूल फीस और किताबों के नाम पर लिए। बाद में पता चला कि स्कूल राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से मान्यता प्राप्त नहीं है। मान्यता न होने की वजह से दी जा रही शिक्षा भी अवैध है। आरोप है कि जब अरुण कुमार ने बेटे की TC मांगी तो स्कूल ने पुरानी तारीख (13 अगस्त 2025) वाली फर्जी TC जारी की, जो 29 अगस्त 2025 को दी गई। आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने स्कूल का नाम बदलकर परिजनों को गुमराह किया है। स्कूल के बाहर बोर्ड ब्राइटलैंड्स कॉन्वेंट स्कूल का लगा है, जबकि अंदर चेतन्या टैक्रो स्कूल चल रहा है। नाम बदलने की शिक्षा विभाग से कोई अनुमति नहीं ली गई। आरोप है कि माध्यमिक शिक्षा निदेशक राजस्थान (बीकानेर) की जांच में भी स्कूल को बिना मान्यता वाला पाया गया। स्कूल पर 2 लाख का जुर्माना लगाया गया और कक्षा 9 से 12 का संचालन एक साल के लिए निलंबित कर दिया गया। फिर भी स्कूल चल रहा है और बच्चे की फर्जी अटेंडेंस लगाई जा रही है, जबकि उनका बेटा वहां पढ़ाई नहीं कर रहा। यहां तक कि बच्चे को सिरसा के किसी स्कूल में दिखाकर हाजिरी लगाई जा रही है। फिलहाल न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर सदर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।


