छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में सरकारी स्कूलों की कक्षा चौथी की छमाही परीक्षा के अंग्रेजी प्रश्नपत्र में पूछे गए एक सवाल ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। प्रश्नपत्र में एक वस्तुनिष्ठ प्रश्न के तहत पूछा गया था, ‘मोना के कुत्ते का नाम क्या है?’ इसके चार विकल्पों में ‘राम’ नाम भी शामिल था। अन्य विकल्प बाला, शेरू और ‘कोई नहीं’ दिए गए थे। इस सवाल को लेकर हिंदू संगठनों ने कड़ा विरोध जताया है। बुधवार को परीक्षा होने के बाद मामला सामने आते ही इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला बताते हुए विरोध शुरू हो गया। अब इसका असर भोपाल तक पहुंच गया है, जहां हिंदू उत्सव समिति और संस्कृति बचाओ मंच ने इसे लेकर प्रदर्शन और कड़ी प्रतिक्रिया दी है। हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि यह कृत्य जानबूझकर सनातन धर्म को अपमानित करने के उद्देश्य से किया गया है। उनका आरोप है कि देवी-देवताओं के नामों को इस तरह आपत्तिजनक संदर्भ में शामिल करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि ऐसा किसी अन्य समुदाय के आराध्य के साथ किया जाता, तो तत्काल सख्त प्रतिक्रिया देखने को मिलती। संगठनों ने स्कूल प्रबंधन और शिक्षा विभाग से मांग की है कि जिस शिक्षक या समिति ने प्रश्नपत्र तैयार किया, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और संबंधित व्यक्ति को निष्कासित किया जाए। उनका कहना है कि यह केवल तकनीकी या शैक्षणिक चूक नहीं, बल्कि संवेदनशीलता की गंभीर कमी को दर्शाता है। इधर, शिक्षा विभाग की ओर से सफाई दी जा रही है कि मामले की जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी। प्रश्नपत्र में आपत्तिजनक विकल्प सामने आने के बाद संबंधित विकल्प हटाकर ऑप्शनल प्रश्नपत्र वितरित किए जाने की बात भी कही गई है। मामले को लेकर प्रदेश में राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रिया तेज होती जा रही है। भोपाल में शुरू हुए विरोध के बाद अन्य जिलों में भी प्रदर्शन की आशंका जताई जा रही है। शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट पर अब सभी की नजरें टिकी हैं। पढ़ें पूरा मामला जानकारी के मुताबिक, परीक्षा प्रश्नपत्र में एक सवाल के विकल्पों में भगवान श्रीराम के नाम की तुलना कुत्ते के नाम से किए जाने जैसा आपत्तिजनक संदर्भ शामिल किया गया था। प्रश्न पूछा कि मोना के डॉग का नाम क्या है, ऑप्शन में ‘राम’ नाम दिया गया था। जिसे लेकर विरोध हुआ।पढ़ें पूरी खबर


