पंजाब के लुधियाना के जगराओं के नजदीकी गांव पोना में उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ‘विकसित भारत’ कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे। इस दौरान ग्रामीण मजदूर यूनियन के सदस्यों ने अवतार सिंह तारी के नेतृत्व में सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की उग्रता को देखते हुए पुलिस ने कई मजदूरों को हिरासत में ले लिया। प्रदर्शनकारी मजदूरों का मुख्य मुद्दा मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) को जमीनी स्तर पर पूरी तरह से लागू करवाना था। मजदूरों का आरोप है कि उन्हें पर्याप्त रोजगार नहीं मिल रहा है। वे भाजपा के कार्यक्रम के दौरान अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाना चाहते थे। सुनील जाखड़ का विपक्ष पर प्रहार मनरेगा पर स्पष्टीकरण: अब दिहाड़ी सीधे खाते में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने दावा किया कि केंद्र सरकार के प्रयासों से अब मजदूरों की दिहाड़ी सीधे उनके बैंक खातों में जा रही है, जिससे बिचौलियों का अंत हुआ है। उन्होंने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अब मजदूरों को 125 प्लस 60 दिन (अतिरिक्त 60 दिन) का रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल राजनीतिक लाभ के लिए यह सही जानकारी जनता तक नहीं पहुंचने दे रहे हैं।


