पंजाब में फिरोजपुर फीडर के पुनर्निर्माण कार्य के लिए गंगनहर में 21 जनवरी से 24 फरवरी तक पानी की आपूर्ति बंद रहेगी। इस दौरान किसानों को नहरी पानी की कमी न हो, इसके लिए बीकानेर कैनाल से वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी। शुक्रवार को जिला प्रशासन की ओर से बुलाई गई बैठक में किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने इस व्यवस्था पर पूर्ण सहमति जताई। कलेक्ट्रेट सभागार में हुई इस बैठक की अध्यक्षता जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने की। बैठक में पूर्व मंत्री सुरेन्द्रपाल सिंह टीटी, सादुलशहर विधायक गुरवीर सिंह बराड़, श्रीगंगानगर विधायक जयदीप बिहाणी सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि गंगनहर क्षेत्र के किसानों की वर्षों पुरानी मांग थी कि फिरोजपुर फीडर को पक्का किया जाए। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इसे गंभीरता से लेते हुए बजट प्रावधान कर पंजाब को 50 करोड़ का अग्रिम भुगतान किया, जिससे यह कार्य संभव हो सका। जनप्रतिनिधियों ने कहा- सीएम की संवेदनशीलता से किसानों को पानी की कोई दिक्कत नहीं आएगी। नहरबंदी को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करने के लिए जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता अमरजीत सिंह मेहरड़ा को विशेष रूप से भेजा गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बंदी अवधि में खखां हेड पर पुरानी बीकानेर कैनाल से करीब 1500 क्यूसेक पानी उपलब्ध रहेगा। बंदी से पहले हुसैनीवाला से पुरानी कैनाल में पानी का प्रवाह शुरू कर दिया जाएगा और निर्धारित शेयर के अनुसार सप्लाई सुनिश्चित की जाएगी। पूर्व केंद्रीय मंत्री निहालचंद ने बैठक में सुझाव दिया कि पुनर्निर्माण कार्य के दौरान हुसैनीवाला हेड पर राजस्थान की ओर से निरंतर अधिकारी तैनात किया जाए। उन्होंने राज्य और केंद्र सरकार की किसान हितैषी नीतियों की सराहना की, जिसमें किसान सम्मान निधि, खाद-बीज की समय पर उपलब्धता और नहरों-खालों का सुदृढ़ीकरण शामिल है। बंदी को अप्रैल में नहीं लेने का कारण बताते हुए मेहरड़ा ने कहा- पंजाब, मार्च 2026 में इंदिरा गांधी नहर के अपने हिस्से के शेष कार्य करवाएगा। पहले बंदी 5 जनवरी से प्रस्तावित थी, लेकिन राजस्थान की मांग पर इसे 15 और फिर 21 जनवरी तक टाला गया। बैठक में एडीएम सुभाष कुमार, सीईओ गिरधर, प्रदीप रुस्तगी, धीरज चावला, शरणपाल सिंह मान, पूर्व विधायक बलवीर लूथरा, महेंद्र सिंह बराड़, सोना देवी, हरविंदर सिंह गिल, संतवीर सिंह चहल, गुरबलपाल सिंह संधू, कालू थोरी, राकेश शर्मा, आत्माराम तरड़, सतपाल कासनिया, पृथ्वीपाल सिंह संधू, दशरथ सिंह शेखावत, विजय रेवाड़, श्योपत राम, अमर सिंह बिश्नोई, सतविंदर पाल सिंह, रविन्द्र तरखान समेत कई किसान नेता और अधिकारी उपस्थित रहे। यह बंदी फिरोजपुर फीडर के लंबे समय से लंबित पुनर्निर्माण का हिस्सा है, जिससे गंगनहर क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्था और मजबूत होगी। किसानों ने सरकार के प्रयासों की तारीफ करते हुए पूर्ण सहयोग का भरोसा दिलाया।


